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जातीय आधार पर ही इस बार बंटे मतदाता
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:37 PM IST
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मतगण्ाना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विधानसभा चुनाव में इस बार जमकर जातीय समीकरण हारजीत का आधार बना। धार्मिक समीकरणों ने भी हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। अपने गढ़ में जीत हासिल कर सभी प्रत्याशियों ने अपनी पकड़ मजबूत होने का दावा सिद्ध करके दिखाया।
प्रदेश में मोदी लहर के बाद भी जिले के मतदाताओं ने सपा के साथ अपनी निष्ठा इस बार भी बरकरार रखी। यादव मतदाताओं में विभाजन के दावे परिणाम के बाद खोखले ही साबित हुए। मतदान के दौरान जातीय समीकरण इस बार भी हावी ही रहे। सपा के गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी में मतदाताओं ने इस बार भी सपा के साथ अपनी निष्ठा बरकरार रखी। करहल में सेाबरन सिंह यादव, मैनपुरी में राजू यादव तथा किशनी में ब्रजेश कठेरिया के पक्ष में ही मतदाताओं का रुझान रहा। मुस्लिम मतदाता बंटे जरूर मगर हारजीत में निर्णायक भूमिका अदा नहीं कर पाए। बसपा के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं के विभाजन के दावे भी मतगणना के बाद झूठे साबित हो गए हैं। यादव बाहुल्य बन्नदल में भी यादव मतदाताओं का मतदान के दौरान दिख रहा बिखराव अंत में बदल गया। चार में से तीन विधानसभा सीट जीतकर सपा ने जिले में अपनी पकड़ मजबूत होने का अपना दावा मतगणना के बाद सिद्ध करके दिखा दिया। बसपा इस बार भी जिले में अपना खाता तक नहीं खोल सकी।
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प्रदेश में मोदी लहर के बाद भी जिले के मतदाताओं ने सपा के साथ अपनी निष्ठा इस बार भी बरकरार रखी। यादव मतदाताओं में विभाजन के दावे परिणाम के बाद खोखले ही साबित हुए। मतदान के दौरान जातीय समीकरण इस बार भी हावी ही रहे। सपा के गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी में मतदाताओं ने इस बार भी सपा के साथ अपनी निष्ठा बरकरार रखी। करहल में सेाबरन सिंह यादव, मैनपुरी में राजू यादव तथा किशनी में ब्रजेश कठेरिया के पक्ष में ही मतदाताओं का रुझान रहा। मुस्लिम मतदाता बंटे जरूर मगर हारजीत में निर्णायक भूमिका अदा नहीं कर पाए। बसपा के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं के विभाजन के दावे भी मतगणना के बाद झूठे साबित हो गए हैं। यादव बाहुल्य बन्नदल में भी यादव मतदाताओं का मतदान के दौरान दिख रहा बिखराव अंत में बदल गया। चार में से तीन विधानसभा सीट जीतकर सपा ने जिले में अपनी पकड़ मजबूत होने का अपना दावा मतगणना के बाद सिद्ध करके दिखा दिया। बसपा इस बार भी जिले में अपना खाता तक नहीं खोल सकी।
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