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66,992 बच्चों का हॉटकुक्ड बंद
ब्यराे, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:47 PM IST
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जिले में आंगनबाड़ी के 1788 केंद्र हैं। इन केंद्रों पर तीन से छह वर्ष के बच्चों को हॉटकुक्ड (पका भोजन) दिए जाने के निर्देश हैं। जिले में पिछले वर्ष नौ ब्लाक के लिए सात एनजीओ को यह कार्य दिया गया था। अब सभी एनजीओ ने हॉटकुक्ड देने में असमर्थता जताते हुए कार्य बंद कर दिया है। ऐसे में 66992 बच्चों को हॉटकुक्ड नहीं मिल पा रहा है।
हॉटकुक्ड में धांधली की शिकायतों के चलते शासन स्तर से एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए थे। एनजीओ को इसके लिए सेमीऑटोमेटिक किचिन भी बनानी थी। जनपद के नौ विकास खंडों में यह कार्य सात एनजीओ को दिया गया। एनजीओ को काम देने के बाद से शिकायतें शुरू हो गईं। कहीं हॉटकुक्ड में कीड़े निकलने की शिकायत हुई तो कांकन और विक्रमपुर में छिपकली। इसके चलते बेवर और घिरोर विकास खंड क्षेत्र में लगभग पांच माह पूर्व ही हॉटकुक्ड बंद करा दिया गया था। एनजीओ संचालकों ने बच्चों को हॉटकुक्ड में असमर्थता जताते हुए कार्य बंद कर दिया। इससे 66992 बच्चों को हॉटकुक्ड मिलना बंद हो गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाले तीन से छह वर्ष आयु के बच्चे बिना हॉटकुक्ड के ही वापस लौट रहे हैं।
एनजीओ द्वारा कार्य करने में असमर्थता जताने की जानकारी शासन को भेज दी गई है। शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यदि शासन ने अनुमति दी तो पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खाते में पैसा भेजकर केंद्र पर ही हॉटकुक्ड बनवाया जाएगा।- साहब यादव, डीपीओ मैनपुरी
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हॉटकुक्ड में धांधली की शिकायतों के चलते शासन स्तर से एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए थे। एनजीओ को इसके लिए सेमीऑटोमेटिक किचिन भी बनानी थी। जनपद के नौ विकास खंडों में यह कार्य सात एनजीओ को दिया गया। एनजीओ को काम देने के बाद से शिकायतें शुरू हो गईं। कहीं हॉटकुक्ड में कीड़े निकलने की शिकायत हुई तो कांकन और विक्रमपुर में छिपकली। इसके चलते बेवर और घिरोर विकास खंड क्षेत्र में लगभग पांच माह पूर्व ही हॉटकुक्ड बंद करा दिया गया था। एनजीओ संचालकों ने बच्चों को हॉटकुक्ड में असमर्थता जताते हुए कार्य बंद कर दिया। इससे 66992 बच्चों को हॉटकुक्ड मिलना बंद हो गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाले तीन से छह वर्ष आयु के बच्चे बिना हॉटकुक्ड के ही वापस लौट रहे हैं।
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एनजीओ द्वारा कार्य करने में असमर्थता जताने की जानकारी शासन को भेज दी गई है। शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यदि शासन ने अनुमति दी तो पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खाते में पैसा भेजकर केंद्र पर ही हॉटकुक्ड बनवाया जाएगा।- साहब यादव, डीपीओ मैनपुरी
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