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बदरंग दिखे इंद्रधनुष के रंग
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:33 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत जिले में चल रहे टीकाकरण की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी लोकेश एम ने देहात क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान अभियान की बदहाली और कागजों पर चल रहे आंकड़ों के खेल की हकीकत उनके सामने आई। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही स्थिति में सुधार न आने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
डीएम मंगलवार को संसारपुर के महादेवी ब्रिक फील्ड पर पहुंचे। वहां पर उन्हें अधिकांश बच्चे कुपोषित मिले। सुविधा, चिकित्सा के नाम पर बच्चों, परिवारीजनों को कोई सहायता नहीं मिल रही थी। कई बच्चों का तो टीकाकरण नहीं हुआ था। अभिभावकों ने बताया कि बिहार में पहले टीके लग चुके हैं। भट्ठे पर नंदनी पुत्री नागेश्वर, राहुल पुत्र गोवर्द्धन अति कुपोषित की श्रेणी में मिले। इस पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी केके शर्मा को निर्देशित किया कि वह तत्काल एंबुलेंस मंगाकर दोनों बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने उपस्थित
एएनएम, कार्यकत्री को कहा कि वह बच्चों का नियमित वजन करें।
डीएम ने कहा कि कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग नाकाम है। उन्होंने ग्राम नवादा के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां पर मिशन इंद्रधनुष के कार्यों की जानकारी ली। केंद्र पर 0-2 वर्ष के बच्चों की तादात कम मिली। अभियान में टीकाकरण किया जाना है वहीं बच्चे मौजूद नहीं थे। एएनएम ने बताया कि ग्राम में 0-2 वर्ष के 36 बच्चे हैं। जो बच्चे अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं वही अवशेष हैं। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर केके शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डाक्टर प्रदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
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डीएम मंगलवार को संसारपुर के महादेवी ब्रिक फील्ड पर पहुंचे। वहां पर उन्हें अधिकांश बच्चे कुपोषित मिले। सुविधा, चिकित्सा के नाम पर बच्चों, परिवारीजनों को कोई सहायता नहीं मिल रही थी। कई बच्चों का तो टीकाकरण नहीं हुआ था। अभिभावकों ने बताया कि बिहार में पहले टीके लग चुके हैं। भट्ठे पर नंदनी पुत्री नागेश्वर, राहुल पुत्र गोवर्द्धन अति कुपोषित की श्रेणी में मिले। इस पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी केके शर्मा को निर्देशित किया कि वह तत्काल एंबुलेंस मंगाकर दोनों बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने उपस्थित
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एएनएम, कार्यकत्री को कहा कि वह बच्चों का नियमित वजन करें।
डीएम ने कहा कि कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग नाकाम है। उन्होंने ग्राम नवादा के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां पर मिशन इंद्रधनुष के कार्यों की जानकारी ली। केंद्र पर 0-2 वर्ष के बच्चों की तादात कम मिली। अभियान में टीकाकरण किया जाना है वहीं बच्चे मौजूद नहीं थे। एएनएम ने बताया कि ग्राम में 0-2 वर्ष के 36 बच्चे हैं। जो बच्चे अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं वही अवशेष हैं। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर केके शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डाक्टर प्रदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
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