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अधूरे एक्सप्रेस वे पर परेशानियों भरा सफर
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Fri, 23 Dec 2016 11:41 PM IST
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एक्सप्रेसवे पर होता काम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अधूरी सड़क पर ही लोगों ने सपनों का सफर शुरू कर दिया। जी हां यही हकीकत है सपा सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का। एक ओर की सड़क शुरू होते ही लोग उसका आनंद उठाने के लिए चौपहिया और दोपहिया वाहन लेकर पहुंच गए। हालांकि कार्य पूरा न होने के चलते उन्हें परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
सूबे के सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे आधी अधूरी तैयारियों के बीच शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे करहलवासी भी काफी खुश नजर आए। कार्य पूरा न होने और पुल का एक ओर का कार्य कुछ दिन पूर्व ही शुरू होने के कारण इस पर अभी केवल दो पहिया व चार पहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसका औपचारिक उद्घाटन हो तो 21 नवंबर को गया था लेकिन इसे आम यातायात के लिए23 दिसंबर को खोलने की बात कही गई थी। इसके पीछे तर्क तो मार्ग का महीने भर तक ट्रायल करने का दिया गया लेकिन असलियत में कारण यह था कि करहल क्षेत्र में इसका निर्माण कार्य अधूरा था। हालांकि निर्माणकर्ता फर्म के अधिकारियों ने इस अवधि में करहल क्षेत्र के तीनों अधूरे पुल बनाकर तैयार तो कर दिए मगर फिनिशिंग अभी तक पूरी हो नहीं सकी है। कई वाहन चालकों ने बताया कि सड़क इस क्षेत्र में अभी उतनी स्मूथ नहीं है जैसी अन्य इलाकों में चमाचम नजर आ रही है। कई जगहों पर यह बहुत खराब है और पपड़ियां उपट रही हैं। भारी वाहनों के लिए इसे नहीं खोला जाना इसका सबूत भी है। हालांकि इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से लोग बेहद खुश हैं क्योंकि इसके जरिये आगरा और लखनऊ के लिए कम दूरी का चमाचम रोड उन्हें मिल गया है।
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सूबे के सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे आधी अधूरी तैयारियों के बीच शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे करहलवासी भी काफी खुश नजर आए। कार्य पूरा न होने और पुल का एक ओर का कार्य कुछ दिन पूर्व ही शुरू होने के कारण इस पर अभी केवल दो पहिया व चार पहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसका औपचारिक उद्घाटन हो तो 21 नवंबर को गया था लेकिन इसे आम यातायात के लिए23 दिसंबर को खोलने की बात कही गई थी। इसके पीछे तर्क तो मार्ग का महीने भर तक ट्रायल करने का दिया गया लेकिन असलियत में कारण यह था कि करहल क्षेत्र में इसका निर्माण कार्य अधूरा था। हालांकि निर्माणकर्ता फर्म के अधिकारियों ने इस अवधि में करहल क्षेत्र के तीनों अधूरे पुल बनाकर तैयार तो कर दिए मगर फिनिशिंग अभी तक पूरी हो नहीं सकी है। कई वाहन चालकों ने बताया कि सड़क इस क्षेत्र में अभी उतनी स्मूथ नहीं है जैसी अन्य इलाकों में चमाचम नजर आ रही है। कई जगहों पर यह बहुत खराब है और पपड़ियां उपट रही हैं। भारी वाहनों के लिए इसे नहीं खोला जाना इसका सबूत भी है। हालांकि इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से लोग बेहद खुश हैं क्योंकि इसके जरिये आगरा और लखनऊ के लिए कम दूरी का चमाचम रोड उन्हें मिल गया है।
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