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घने कोहरे ने छीनी चहल-पहल
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:30 PM IST
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घने कोहरे ने छीनी चहल-पहल
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरे का कहर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बुधवार को सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। 12 बजे के बाद सूर्यदेव ने दर्शन दिए, लेकिन 15 मिनट के बाद छिप गए। इसके चलते पूरे दिन बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रहीं। कोहरे और सर्द हवाओं की मार से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार को सुबह इस कदर घना कोहरा था कि 10 मीटर की दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसके चलते सड़कों पर वाहनों के पहियों की रफ्तार भी नहीं बढ़ सकी। रात में चलकर सुबह पहुंचने वाली रोडवेज बसें दो से तीन घंटे देरी से आईं। वहीं कालिंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे और सुबह आने वाली दोनों पैसेंजर ट्रेनें भी दो घंटे देरी से पहुंचीं। घने कोहरे ने आवागमन बाधित रहा। वहीं नमी होने से हर वस्तु ठंडे एवं भीगे होने का अहसास कराने लगी हे। इस समस्या से और भी परेशानी हो रही है। उधर बिजली की अचानक बढ़ी कटौती ने लोगों का दर्द और भी बढ़ा दिया है। दोपहर बाद धूप तो निकली, लेकिन 15 मिनट बाद सूर्यदेव छिप गए। फिर तो दिन भर बादल छाए रहे।
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बुधवार को सुबह इस कदर घना कोहरा था कि 10 मीटर की दूरी का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसके चलते सड़कों पर वाहनों के पहियों की रफ्तार भी नहीं बढ़ सकी। रात में चलकर सुबह पहुंचने वाली रोडवेज बसें दो से तीन घंटे देरी से आईं। वहीं कालिंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे और सुबह आने वाली दोनों पैसेंजर ट्रेनें भी दो घंटे देरी से पहुंचीं। घने कोहरे ने आवागमन बाधित रहा। वहीं नमी होने से हर वस्तु ठंडे एवं भीगे होने का अहसास कराने लगी हे। इस समस्या से और भी परेशानी हो रही है। उधर बिजली की अचानक बढ़ी कटौती ने लोगों का दर्द और भी बढ़ा दिया है। दोपहर बाद धूप तो निकली, लेकिन 15 मिनट बाद सूर्यदेव छिप गए। फिर तो दिन भर बादल छाए रहे।
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