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उर्मिल का पानी भी सिमटा, मचा हाहाकार
mahoba
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:39 PM IST
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water
- फोटो : amarujala
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श्रीनगर (महोबा)। यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध में रिजर्व पानी बचने से हायतौबा मचने लगी है। जल निगम ने इंटेकवेल से 500 मीटर दूर बचे पानी को इंटेकवेल तक नाली बनाकर लाने की कवायद तेज कर दी है। इतना ही नहीं बनाई गई नाली में पंपिंग सेट मशीन से पानी डालकर इंटेकवेल तक पहुंचाया जा रहा है।
गौरतलब है कि उर्मिल बांध से महोबा शहर, श्रीनगर और सिजहरी गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। भीषण गर्मी और सूखे के चलते इस साल उर्मिल बांध का पानी तेजी से सूख रहा है। इससे शहर समेत गांव की पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि जल निगम ने नियमित पानी की आपूर्ति चालू रखने के लिए उर्मिल बांध के दूसरे छोर पर भरे पानी को इंटेकवेल तक लाने के लिए 500 मीटर लंबी नाली बनाई है। इस नाली के जरिये इंटेकवेल में पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे शहर और गांव की आपूर्ति हो रही है लेकिन तेजी से उर्मिल बांध का जलस्तर घटने से लोग पानी को लेकर खासे चिंतित है।
महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत उर्मिल बांध से महोबा तक 28 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। महोबा शहर को चार जोन में बांटकर तीन सीडब्ल्यूआर और एक ओवरहेड टैंक बनाए गए है, जिससे समूचे शहर में पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन इस साल अचानक उर्मिल बांध के जवाब दे देने से पानी को लेकर मारामारी मची हुई है। लोग बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। सिंचाई विभाग प्रकरण महोबा के अवर अभियंता जसीराम का कहना है कि अब रिजर्व पानी ही बांध में बचा है। जिसे नाली के जरिये इंटेकवेल तक पहुंचाकर आपूर्ति की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि रिजर्व में इतना पानी है कि उससे दो माह तक जलापूर्ति की जा सकती है।
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इनसेट
एमपी ने निकाल लिया बांध का 60 फीसदी पानी
सरहद बने उर्मिल बांध से 60 फीसदी पानी मध्यप्रदेश और 40 फीसदी पानी उत्तरप्रदेश को दिए जाने का पूर्व में समझौता हुआ था। इसके तहत मध्यप्रदेश में सूखा पड़ने के बाद भी बांध का 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए खर्च कर दिया, जबकि जिले के अधिकारियों ने महोबा जिले में सिंचाई पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। एमपी प्रशासन द्वारा सूखे के बाद भी 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए लेने से जल संकट बढ़ गया है।
इनसेट
बांध की स्थिति पर एक नजर
बांध का नाम बांध का डेेड लेवल बांध में मौजूदा स्थिति
उर्मिल बांध 228.1 मीटर 227.50 मीटर
मझगवां बांध 217.01 मीटर 00.00 मीटर
कबरई बांध 119.08 मीटर 00.00 मीटर
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गौरतलब है कि उर्मिल बांध से महोबा शहर, श्रीनगर और सिजहरी गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। भीषण गर्मी और सूखे के चलते इस साल उर्मिल बांध का पानी तेजी से सूख रहा है। इससे शहर समेत गांव की पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि जल निगम ने नियमित पानी की आपूर्ति चालू रखने के लिए उर्मिल बांध के दूसरे छोर पर भरे पानी को इंटेकवेल तक लाने के लिए 500 मीटर लंबी नाली बनाई है। इस नाली के जरिये इंटेकवेल में पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे शहर और गांव की आपूर्ति हो रही है लेकिन तेजी से उर्मिल बांध का जलस्तर घटने से लोग पानी को लेकर खासे चिंतित है।
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महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत उर्मिल बांध से महोबा तक 28 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। महोबा शहर को चार जोन में बांटकर तीन सीडब्ल्यूआर और एक ओवरहेड टैंक बनाए गए है, जिससे समूचे शहर में पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन इस साल अचानक उर्मिल बांध के जवाब दे देने से पानी को लेकर मारामारी मची हुई है। लोग बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। सिंचाई विभाग प्रकरण महोबा के अवर अभियंता जसीराम का कहना है कि अब रिजर्व पानी ही बांध में बचा है। जिसे नाली के जरिये इंटेकवेल तक पहुंचाकर आपूर्ति की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि रिजर्व में इतना पानी है कि उससे दो माह तक जलापूर्ति की जा सकती है।
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एमपी ने निकाल लिया बांध का 60 फीसदी पानी
सरहद बने उर्मिल बांध से 60 फीसदी पानी मध्यप्रदेश और 40 फीसदी पानी उत्तरप्रदेश को दिए जाने का पूर्व में समझौता हुआ था। इसके तहत मध्यप्रदेश में सूखा पड़ने के बाद भी बांध का 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए खर्च कर दिया, जबकि जिले के अधिकारियों ने महोबा जिले में सिंचाई पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। एमपी प्रशासन द्वारा सूखे के बाद भी 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए लेने से जल संकट बढ़ गया है।
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बांध की स्थिति पर एक नजर
बांध का नाम बांध का डेेड लेवल बांध में मौजूदा स्थिति
उर्मिल बांध 228.1 मीटर 227.50 मीटर
मझगवां बांध 217.01 मीटर 00.00 मीटर
कबरई बांध 119.08 मीटर 00.00 मीटर