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Mahoba News: निलंबित प्रधानाध्यापिका ने बीएसए पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
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महोबा। ब्लॉक कबरई के एक विद्यालय की निलंबित प्रधानाध्यापिका ने बेसिक शिक्षा अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। कहा कि बीएसए की बात न मानने पर उन्हें परेशान किया गया और अंत में मनगढ़ंत तरीके से निलंबित कर दिया गया। इस साजिश में उनके विद्यालय के दो सहायक अध्यापक भी शामिल हैं। जो बीएसए के साथ साजिश कर उनकी बात मानने के लिए दबाव बनाते हैं।
ब्लॉक कबरई के एक विद्यालय में तैनात शिक्षिका को बीएसए ने 28 जनवरी 2026 को निलंबित कर दिया था। उन्होंने रविवार को शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता बुलाई। इसमें बताया कि 01 फरवरी 2025 को वह विद्यालय की बाउंड्रीवॉल की समस्या को लेकर बीएसए को प्रार्थना पत्र देने पहुंची थी। तब बीएसए अपनी गाड़ी में बैठने जा रहे थे। आरोप लगाया कि इस दौरान बीएसए ने उन्हें घूरा और आवास पर आकर मिलने को कहा। उनके इरादे भांपकर वह नहीं गई। इसके बाद विद्यालय में तैनात एक महिला व एक पुरुष सहायक अध्यापक ने उन्हें बीएसए से अकेले गुलाब लेकर मिलने के लिए कहा। इस पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बताया कि इसके बाद बीएसए ने उनके खिलाफ जांचें करानी शुरू कर दी और फिर 28 जनवरी 2026 को बिना किसी ठोस साक्ष्य के उन्हें निलंबित कर दिया गया। वह अपने पिता को लेकर 27 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंची तो उन्हें व पिता को अपमानित कर वहां से निकाल दिया गया। बीएसए ऑफिस से भी दो कर्मचारियों ने फोन कर उन्हें बीएसए की बात मान लेने की सलाह दी।
इसी क्रम में रविवार को विद्यालय में तैनात महिला सहायक अध्यापक ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि यह आरोप पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित हैं और मनगढ़ंत है। बताया कि उन्होंने व अन्य शिक्षकों ने ही विद्यालय के एमडीएम में हो रही अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और शिक्षकों के मानसिक शोषण की शिकायत की थी जिस पर गठित जांच समितियों की रिपोर्ट व जिलाधिकारी के आदेश पर उन्हें निलंबित किया गया था। इसी कार्रवाई को लेकर वह बदले की भावना से यह आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करना चाहती है।
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शिक्षिका के आरोप पूरी तरह से असत्य व बेबुनियाद है। अगर कोई भी साक्ष्य उनके पास है तो वह जांच समिति के समक्ष पेश करें। -राहुल मिश्रा, बीएसए
आरोपों को लेकर जांच समिति का गठन किया गया है। सप्ताहभर के अंदर जांच समिति अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद बाद अगला कदम उठाया जाएगा। - गजल भारद्वाज जिलाधिकारी
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ब्लॉक कबरई के एक विद्यालय में तैनात शिक्षिका को बीएसए ने 28 जनवरी 2026 को निलंबित कर दिया था। उन्होंने रविवार को शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता बुलाई। इसमें बताया कि 01 फरवरी 2025 को वह विद्यालय की बाउंड्रीवॉल की समस्या को लेकर बीएसए को प्रार्थना पत्र देने पहुंची थी। तब बीएसए अपनी गाड़ी में बैठने जा रहे थे। आरोप लगाया कि इस दौरान बीएसए ने उन्हें घूरा और आवास पर आकर मिलने को कहा। उनके इरादे भांपकर वह नहीं गई। इसके बाद विद्यालय में तैनात एक महिला व एक पुरुष सहायक अध्यापक ने उन्हें बीएसए से अकेले गुलाब लेकर मिलने के लिए कहा। इस पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बताया कि इसके बाद बीएसए ने उनके खिलाफ जांचें करानी शुरू कर दी और फिर 28 जनवरी 2026 को बिना किसी ठोस साक्ष्य के उन्हें निलंबित कर दिया गया। वह अपने पिता को लेकर 27 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंची तो उन्हें व पिता को अपमानित कर वहां से निकाल दिया गया। बीएसए ऑफिस से भी दो कर्मचारियों ने फोन कर उन्हें बीएसए की बात मान लेने की सलाह दी।
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इसी क्रम में रविवार को विद्यालय में तैनात महिला सहायक अध्यापक ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि यह आरोप पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित हैं और मनगढ़ंत है। बताया कि उन्होंने व अन्य शिक्षकों ने ही विद्यालय के एमडीएम में हो रही अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और शिक्षकों के मानसिक शोषण की शिकायत की थी जिस पर गठित जांच समितियों की रिपोर्ट व जिलाधिकारी के आदेश पर उन्हें निलंबित किया गया था। इसी कार्रवाई को लेकर वह बदले की भावना से यह आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करना चाहती है।
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शिक्षिका के आरोप पूरी तरह से असत्य व बेबुनियाद है। अगर कोई भी साक्ष्य उनके पास है तो वह जांच समिति के समक्ष पेश करें। -राहुल मिश्रा, बीएसए
आरोपों को लेकर जांच समिति का गठन किया गया है। सप्ताहभर के अंदर जांच समिति अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद बाद अगला कदम उठाया जाएगा। - गजल भारद्वाज जिलाधिकारी