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गुपचुप ढंग से युवाओं में बना रहे पैठ

Mon, 04 May 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला महोबा।
ब्यूरो/ अमर उजाला महोबा। Updated Mon, 04 May 2015 11:54 PM IST
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Sneakingly made inroads among youth
लोहिया ग्राम रिवई में ग्राम पंचायत चुनाव की खुमारी छाने लगी है। जिससे छूटे लोगों को जोड़कर दावेदार किसी तरह अपने पक्ष में हवा बनाने का प्रयास कर रहे है। वहीं पुराने दिग्गज सीट के रूख को भांपकर पत्ते खोलने की तैयारी में हैं। वहीं दावेदार इस बार युवा वर्ग को साध कर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। ग्राम रिवई को पांच वर्ष पहले अंबेडकर गांव का दर्जा मिलने के बाद वर्ष 2012-13 में लोहिया गांव चयनित किए जाने पर गांव को सर्वांगीण विकास की उम्मीद जागी थी। लेकिन शासन की योजनाएं धरातल में न उतर सकी। लोहिया गांव रिवई में चुनावी तैयारियाें की पड़ताल करती रिपोर्टर कैलाशनाथ गोस्वामी की रिपोर्ट-
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फिजाआें में घुलने लगा चुनावी रंग
चरखारी (महोबा)। विकासखंड क्षेत्र के लोहिया गांव रिवई ब्लाक क्षेत्र का चर्चित गांव है। यहां अपराधाें और छुटपुट घटनाआें व रंगदारी की घटनाएं सामान्य बात हैं। पिछड़ा और सामान्य वर्ग की बहुलता के बीच अराजकता की घटनाएं अशांति का माहौल आए दिन बना देती हैं। ऐसे माहौल के बीच चुनावी रंगत खुलकर सामने नहीं आती। प्रत्येक वर्ग के दावेदार सीट के आरक्षण का रुख भांप रहे हैं।
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तकरीबन एक वर्ग किलोमीटर के दायरे में बसे गांव की भौगोलिक स्थिति अच्छी है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण गांव के 15 वार्डों की सफाई के लिए महज दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं। मुख्य सड़क पर जलभराव सबसे बड़ी समस्या है। यहां रोजगार के अवसर भी कमतर ही हैं। चार मौजे में फैले कृषि भूभाग की 60 फीसदी खेती असिंचित है। यहां के लोगाें का खेती ही रोजगार है। नजदीक आते चुनाव की आहट को भांपकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई हैं। खुलकर सामने आने के बजाए दावेदार गुपचुप तरीके से ग्रामीणाें के दिलाें में जगह बनाने के प्रयास में जुट गए हैं। कुछ ग्रामीणाें से पुरानी खुन्नस, गिले शिकवे मिटाने की कवायद भी तेज हो गई है। जिससे चुनाव के समय जरूरत पड़ने पर हर किसी का सहयोग लिया जा सके। वहीं कोई काम आ पड़ने या मदद की जरूरत होने पर दावेदार जरा भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। गुपचुप तैयारियाें के चलते धीमी गति से ही सही गांव की फिजाआें में चुनावी रंग घुलने लगा है।
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चुनाव में विकास ही बनेगा मुद्दा
गांव में चुनावी सरगर्मी है। गांव के शैलेंद्र तिवारी, पप्पू विश्वकर्मा, लोकनाथ का कहना है कि लोहिया गांव होने का लाभ 50 फीसद ही धरातल में दिखाई दे रहा है। ग्रामीण आगामी चुनाव में जाति धर्म को छोड़कर विकास कराने वाले शिक्षिता, योग्य दावेदार को ही वोट देने की बात कहते हैं। गांव में शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ-साथ विकास की हवा बनाने की मतदाता तैयारी भी करते दिख रहे हैं।

सफाई कर्मी रहते हैं नदारद
ब्लाक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े  ग्राम रिवई और जुड़े संतोषपुरा, दयका खुड़ा की सफाई के लिए महज दो सफाई कर्मी तैनात हैं। गांव में नियमित सफाई न होने से गंदगी का वातावरण है। लाखाें रुपये से निर्मित सीसी सड़क और नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। मुख्य सड़क से लेकर साप्ताहिक बाजार स्थान तक आने जाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव बनी सबसे बड़ी समस्या
लोहिया गांव में समुचित जल निकासी का प्रबंध न होने से जगह-जगह जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गांव के रास्ते से गुजरने में ग्रामीणाें को पैंट सिकोड़कर आना-जाना पड़ता है। कई बार नाली बनाकर जल निकासी की सही व्यवस्था कराए जाने की मांग के बाद भी जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल रही है।

बाजार मार्ग और दलित आबादी के साथ-साथ मुख्य सड़काें पर बहता गंदा पानी विकास की हकीकत बयां कर रहा है। चुनाव दौरान जातिभेद त्यागकर शिक्षित विकासशील प्रत्याशी को चुनाव में सहयोग करेंगे। जिससे आने वाले समय में अच्छा वातावरण निर्मित हो सके। बालिकाआें की उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत पूर्ण करने वाले कर्मठ प्रत्याशी की मदद की जाएगी।
-विमलेश द्विवेदी।

गांव में पिछले दस वर्षों के सापेक्ष विकास हुआ है। लेकिन शैक्षणिक विकास नहीं हुआ। व्यापारिक सुविधाआें और सिंचाई सुविधाआें में वृद्धि होनी चाहिए। अबकी बार चुनाव में विकास के साथ योग्य कर्मठ दावेदार को ही चुनेंगे। स्वास्थ्य सुविधाआें की व्यवस्था की पहल करने वालाें को प्राथमिकता दी जाएगी।
- श्याम सुंदर त्रिपाठी।

गांव में बारातशाला नहीं है। जिससे सहालग के समय गांव में आने वाली बाराताें के ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं हो पाती। जिससे बाराताें को खेताें मे ठहराया जाता है। इसलिए इस बार के चुनाव में बारातशाला को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा। जिससे इस समस्या का निराकरण हो सके और गरीबाें को इसका लाभ मिल सके।
- जीतू पाठक।

ग्राम प्रधान से दो टूक
अपने कार्यकाल के दौरान कौन-कौन से कार्य कराए ?
गांव में 144 लोहिया आवास, तीन इंदिरा आवास, 216 गरीबाें को समाजवादी पेंशन, सीसी सड़क, 200 मीटर से अधिक नाली, 159 पात्र ग्रामीणाें के यहां शौचालय बनवाए गए हैं।

- भजनलाल यादव ग्राम प्रधान।
ग्रामसभा में कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं?
विधायक निधि से बारातशाला, 500 मीटर सीसी सड़क, पेयजल योजना के विस्तार और सिंचाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है।
क्या इस बार पुन: दावेदारी करने की योजना है?
गांव में प्रत्येक गरीब को प्राथमिकता से योजनाआें का लाभ दिया गया है। विकास के मुद्दे पर पुन: चुनाव लड़ूंगा। गांव का सर्वांगीण विकास और शांति व सेवा ही उद्देश्य है।

फैक्ट फाइल
ग्राम सभा- रिवई
वार्ड- 15
आबादी- 7000
मतदाता- 4297
हैंडपंप- 76
शौचालय- 159

लाभार्थियाें की संख्या
समाजवादी पेंशनर्स- 216
वृद्धावस्था पेंशनर्स- 80
विकलांग पेंशनर्स- 21
विधवा पेंशनर्स- 22
इंदिरा आवास- 3
लोहिया आवास- 146
जॉब कार्ड- 514
बीपीएल कार्ड- 183
आंत्योदय कार्ड- 58
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