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Mahoba News: फ्लाईओवर के नीचे से निकली सड़क की पुलिया ढही
Tue, 12 Sep 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 12 Sep 2023 12:39 AM IST
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महोबा। जिले से निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर के नीचे से गुजरे खरेला-मुस्करा मार्ग पर जल निकासी को बनी पुलिया साल भर में ही ढह गई। आठ दिनों से पुलिया के टूटे स्लैब में हुए गड्ढे से बड़े हादसे का खतरा बना है। एक माह पहले भी इसी जगह पर टूटे स्थान को रातोंरात भर दिया गया था। बावजूद इसके कार्यदायी संस्था के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीमावर्ती बसौंठ और खरेला मौजा से होकर निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण पिछले वर्ष 15 जुलाई को हुआ था। छह लेन की प्रस्तावित सड़क किनारे से सर्विस लाइन सड़क का निर्माण अभी भी आधा अधूरा है। कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों की गुणवत्ताहीन कार्यशैली पर निरंतर सवाल उठते रहे लेकिन 28 माह के अंदर इस महत्वाकांक्षी कार्ययोजना को पूरा करने के प्रयासों में लगे अधिकारियों ने कमियों को नजरंदाज किया। जिसकी हकीकत पुलिया के टूटने से सामने आने लगी।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर के नीचे सड़क से महोबा से मुस्करा होकर हमीरपुर, कानपुर, लखनऊ आदि के लिए सैकड़ों वाहन दिन-रात गुजरते हैं। फ्लाईओवर के नीचे से आने और जाने के लिए अलग-अलग लाइन बनाई गई हैं। मुख्य सड़क से जुड़ी एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन के बीच जल निकासी के लिए दोनों तरफ पुलियों का निर्माण कराया गया था लेकिन घटिया निर्माण की वजह से पुलिया माह भर पहले टूट गई थी। जिसे अधिकारियों ने औपचारिकता करके स्लैब डलवा दिया था। इस स्थान पर आठ दिन से पूरी तरह टूट कर गिरी पुलिया के निर्माण की ओर जिम्मेदार अब ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि कार्यदायी संस्था की बनाई सड़क की कमियों को दो साल तक दुरुस्त करने की जवाबदेही है। इस टूटी पुलिया में आए दिन वाहन चालक घायल हो रहे हैं। मार्ग पर लोगों के आने-जाने में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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सीमावर्ती बसौंठ और खरेला मौजा से होकर निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण पिछले वर्ष 15 जुलाई को हुआ था। छह लेन की प्रस्तावित सड़क किनारे से सर्विस लाइन सड़क का निर्माण अभी भी आधा अधूरा है। कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों की गुणवत्ताहीन कार्यशैली पर निरंतर सवाल उठते रहे लेकिन 28 माह के अंदर इस महत्वाकांक्षी कार्ययोजना को पूरा करने के प्रयासों में लगे अधिकारियों ने कमियों को नजरंदाज किया। जिसकी हकीकत पुलिया के टूटने से सामने आने लगी।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर के नीचे सड़क से महोबा से मुस्करा होकर हमीरपुर, कानपुर, लखनऊ आदि के लिए सैकड़ों वाहन दिन-रात गुजरते हैं। फ्लाईओवर के नीचे से आने और जाने के लिए अलग-अलग लाइन बनाई गई हैं। मुख्य सड़क से जुड़ी एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन के बीच जल निकासी के लिए दोनों तरफ पुलियों का निर्माण कराया गया था लेकिन घटिया निर्माण की वजह से पुलिया माह भर पहले टूट गई थी। जिसे अधिकारियों ने औपचारिकता करके स्लैब डलवा दिया था। इस स्थान पर आठ दिन से पूरी तरह टूट कर गिरी पुलिया के निर्माण की ओर जिम्मेदार अब ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि कार्यदायी संस्था की बनाई सड़क की कमियों को दो साल तक दुरुस्त करने की जवाबदेही है। इस टूटी पुलिया में आए दिन वाहन चालक घायल हो रहे हैं। मार्ग पर लोगों के आने-जाने में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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