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‘निगरानी कक्ष’ से होगी मां-शिशु की देखरेख

Thu, 07 Nov 2019 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:45 PM IST
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'Monitoring room' will take care of mother and baby
महोबा। प्रसव के बाद मां और शिशु की देखरेख के लिए प्रसव केंद्रों पर अब ‘निगरानी कक्ष’ स्थापित होंगे। इसमें मां और बच्चे की पल्स, ब्लड प्रेशर, तापमान तथा जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान जैसी महत्वपूर्ण जांचें आसानी से हो सकेंगी। कक्ष आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर इसकी स्थापना के निर्देश दिए हैं।
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मिशन निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि इंडिया न्यूबॉर्न एक्शन प्लान, 2014 की रिपोर्ट के में कुल नवजात मृत्यु में से लगभग तीन चौथाई मृत्यु नवजात के जन्म के प्रथम सप्ताह में होती हैं। उनमें एक तिहाई यानी 37 प्रतिशत से अधिक नवजात शिशु की मृत्यु उनके जन्म के 24 घंटे में होती है। इस अवधि में 50 प्रतिशत मातृ मृत्यु भी हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रसव के दो घंटे बाद तक मां व शिशु को निगरानी कक्ष में रखा जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य इकाइयों में शीघ्र ही उक्त कक्ष स्थापित किए जाएं।
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मिशन निदेशक ने कहा कि निगरानी कक्ष में प्रसूताओं की पल्सरेट, ब्लड प्रेशर, ब्लाडिंग पीवी, यूटीराइन टोन और शिशुओं के तापमान, पल्स रेट, श्वसन रेट, गर्भनाल रक्तस्राव व एक घंटे के भीतर स्तनपान जैसी महत्वपूर्ण जांचें होंगी। जांचों की नियमित माप से न केवल मातृ व नवजात में होने वाली जटिलताओं का पता लगेगा, बल्कि दोनों की मृत्यु दर कम की जा सकती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने कहा कि जिला महिला अस्पताल समेत सीएचसी व प्रसव केंद्रों में निगरानी कक्ष बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक तथा केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही उक्त कक्ष की स्थापना की जाएगी।
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आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे निगरानी कक्ष
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि प्रसव केंद्र के बगल में ही निगरानी कक्ष बनेंगे। यह आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे। इसमें कम से कम दो बेड, ड्रग कार्नर एवं आपातकालीन उपकरण जैसे ऑक्सीजन सिलिंडर आदि रहेंगे। कक्ष में खतरे के संकेत पीएनसी (प्रसव पश्चात देखरेख), पीपीएच (डिलीवरी के बाद रक्तस्राव), एक्लेमप्सिया, स्तनपान, केएमसी समेत देखरेख, बचाव व सुरक्षा के सभी आधुनिक उपकरण रहेंगे।
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