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महोबा : रहेलिया सूर्य मंदिर को विश्व धरोहर घोषित कराने की मांग
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सतरंगी रोशनी से जगमग रहेलिया का सूर्य मंदिर।
- फोटो : MAHOBA
महोबा। कोणार्क के सूर्य मंदिर की तरह बने रहेलिया का सूर्य मंदिर पर्यटकों को लुभा रहा है। बुंदेली समाज ने मंदिर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने की मांग उठाई है।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने डीएम से प्रस्ताव यूनेस्को भेजने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी लिखी है।
पाटकर ने कहा कि रहेलिया के यूनेस्को विश्व धरोहर श्रेणी में शामिल होने से बुंदेलखंड को पर्यटन हब बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण चंदेल राजा राहिलदेव वर्मन ने 890-915 ईस्वी में कराया था। नागर शैली में बने इस मंदिर में सीमेंट व गारे का प्रयोग नहीं किया गया। 1206 ईस्वी में कुतुबउद्दीन ऐबक ने इस मंदिर को क्षति पहुंचाई थी। चारों ओर बिखरे पत्थर आज भी इसकी गवाही दे रहे हैं।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने डीएम से प्रस्ताव यूनेस्को भेजने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी लिखी है।
पाटकर ने कहा कि रहेलिया के यूनेस्को विश्व धरोहर श्रेणी में शामिल होने से बुंदेलखंड को पर्यटन हब बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
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उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण चंदेल राजा राहिलदेव वर्मन ने 890-915 ईस्वी में कराया था। नागर शैली में बने इस मंदिर में सीमेंट व गारे का प्रयोग नहीं किया गया। 1206 ईस्वी में कुतुबउद्दीन ऐबक ने इस मंदिर को क्षति पहुंचाई थी। चारों ओर बिखरे पत्थर आज भी इसकी गवाही दे रहे हैं।
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