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कामी, क्रोधी, लालची इनसे भक्ति न होय
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:16 PM IST
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संत कबीर अमृतवाणी सत्संग समिति के तत्वावधान में
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कबीर आश्रम में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया। भक्तों ने भजन गाकर
श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि सच के बराबर कोई तप नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं। उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते पर चलने से परमात्मा की प्राप्ति होती है।सत्य वचन की रक्षा के लिए राजा हरिश्चंद्र ने अपना सारा राजपाट त्याग दिया था।
कहा कि सत्य बोलने वालों को कभी झूठ नहीं बोलना पड़ता। सत्य की हमेशा विजय होती है। पं. आशाराम तिवारी ने कबिरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर की व्याख्या की । कहा कि संत फकीर पूरे समाज की भलाई के लिए नेक काम करते हैं, हमे गरीबों की सेवा करना चाहिए और उनके लिए नेक काम करना चाहिए।
डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि गरीबों की भलाई में कमाई का दसवां हिस्सा धर्मार्थ खर्च करने वाला ही सम्मानित व्यक्ति है। साध्वी सुनीता अनुरागी ने काम, क्रोध, लोभ की भावना की विस्तार से व्याख्या की। कहा कि कामी, क्रोधी, लालची इनसे भक्ति न होय।
किशोरी लाला, लखन लाल, कमलापथ, योगेंद्र, रामप्रकाश, किशोरी दादा, पं. श्यामानंद सहित तमाम कबीरपंथी मौजूद रहेे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एलसी अनुरागी ने किया।
पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि सच के बराबर कोई तप नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं। उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते पर चलने से परमात्मा की प्राप्ति होती है।सत्य वचन की रक्षा के लिए राजा हरिश्चंद्र ने अपना सारा राजपाट त्याग दिया था।
कहा कि सत्य बोलने वालों को कभी झूठ नहीं बोलना पड़ता। सत्य की हमेशा विजय होती है। पं. आशाराम तिवारी ने कबिरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर की व्याख्या की । कहा कि संत फकीर पूरे समाज की भलाई के लिए नेक काम करते हैं, हमे गरीबों की सेवा करना चाहिए और उनके लिए नेक काम करना चाहिए।
डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि गरीबों की भलाई में कमाई का दसवां हिस्सा धर्मार्थ खर्च करने वाला ही सम्मानित व्यक्ति है। साध्वी सुनीता अनुरागी ने काम, क्रोध, लोभ की भावना की विस्तार से व्याख्या की। कहा कि कामी, क्रोधी, लालची इनसे भक्ति न होय।
किशोरी लाला, लखन लाल, कमलापथ, योगेंद्र, रामप्रकाश, किशोरी दादा, पं. श्यामानंद सहित तमाम कबीरपंथी मौजूद रहेे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एलसी अनुरागी ने किया।