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Mahoba News: चार टैंकरों के भरोसे 50 हजार की आबादी, कैसे बुझेगी प्यास
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फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-नजीब अहमद उर्फ सीबू। संवाद
महोबा। 50 हजार की आबादी वाले कस्बा कबरई में पेयजल के लिए मारामारी मची है। जल संस्थान की लीकेज व चोक पाइप लाइनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। नगर पंचायत के चार टैंकरों के माध्यम से 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। टैंकर आते ही पहले पानी भरने के लिए लोगों में होड़ मच रही है। चंद मिनटों में ही टैंकर खत्म हो जाने से किसी को एक तो किसी को दो डिब्बा ही पानी मिल पा रहा है। ऐसे में मोहल्लेवासी दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी की जुगाड़ में ही उनका पूरा दिन बीत जा रहा है।
कस्बा कबरई में दो दशक पहले जल संस्थान की ओर से पाइपलाइन बिछाई गई थी। कबरई बांध से पानी लाकर शुरुआती दौर में पेयजल आपूर्ति होती रही। एक दशक से पाइपलाइन की मरम्मत न होने और जगह-जगह लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। वर्तमान में नगर पंचायत की ओर से चार टैंकरों से 50 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। मोहल्लेवासी टैंकर आने के इंतजार में घंटों पहले से डिब्बे, ड्रम और पाइप लेकर खड़े हो जाते हैं। टैंकर आते ही पहले पानी भरने को लेकर लोग टूट पड़ते हैं।
मोहल्लेवासी प्रीतम प्रसाद निगम, रज्जन शिवहरे, चुन्ना सेठ, राकेश कुशवाहा, कैलाश गुप्ता, राहुल विश्वकर्मा आदि का कहना है कि एक दशक पहले हाईवे निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन तो दोबारा डाली गई लेकिन लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा। पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग की गई। आंदोलन भी हुए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने एक बार फिर जल्द पेयजल समस्या में सुधार न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है।
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उधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सूर्य प्रकाश का कहना है कि चार टैंकरों के माध्यम से सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
लोगों ने बयां किया दर्द
टैंकरों से केवल खानापूर्ति हो रही
सभासद संतोष कुशवाहा का कहना है कि टैंकरों से केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से कई बार पेयजल समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन आश्वासन ही मिले। इससे पेयजल समस्या और विकराल हो गई है। आने वाले मई-जून में पानी के लिए मारामारी मचेगी।
एक दशक के पाइप लाइन से पानी नहीं
इंदिरानगर निवासी नजीब अहमद उर्फ सीबू ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है। नगर पंचायत की ओर से दो दिन में एक टैंकर भेजा जाता है। टैंकर पहुंचते ही पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में किसी को एक तो किसी को दो डिब्बा पानी ही मिलता है।
कई बार आवाज उठाई, पानी नहीं मिला
राजेंद्र प्रजापति बताते हैं कि जल संस्थान की पाइपलाइन जगह-जगह लीकेज है। इससे घरों में पानी नहीं आ रहा है। टैंकरों से पानी भरने के लिए रतजगा करना पड़ता है। प्रशासन से कई बार मांग करने व पानी के लिए आंदोलन किए जाने के बाद भी आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बूंद-बूंद पानी के लिए लोग परेशान
राजेंद्र नगर निवासी मुन्नालाल कुशवाहा कहते हैं कि प्रदेश की सबसे बड़ी पत्थरमंडी कबरई से सरकार को भारी भरकम राजस्व मिलता है। इसके बाद भी यहां के निवासी बूंद-बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। शासन-प्रशासन पेयजल समस्या के निराकरण को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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कस्बा कबरई में दो दशक पहले जल संस्थान की ओर से पाइपलाइन बिछाई गई थी। कबरई बांध से पानी लाकर शुरुआती दौर में पेयजल आपूर्ति होती रही। एक दशक से पाइपलाइन की मरम्मत न होने और जगह-जगह लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। वर्तमान में नगर पंचायत की ओर से चार टैंकरों से 50 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। मोहल्लेवासी टैंकर आने के इंतजार में घंटों पहले से डिब्बे, ड्रम और पाइप लेकर खड़े हो जाते हैं। टैंकर आते ही पहले पानी भरने को लेकर लोग टूट पड़ते हैं।
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मोहल्लेवासी प्रीतम प्रसाद निगम, रज्जन शिवहरे, चुन्ना सेठ, राकेश कुशवाहा, कैलाश गुप्ता, राहुल विश्वकर्मा आदि का कहना है कि एक दशक पहले हाईवे निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन तो दोबारा डाली गई लेकिन लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा। पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग की गई। आंदोलन भी हुए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने एक बार फिर जल्द पेयजल समस्या में सुधार न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है।
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उधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सूर्य प्रकाश का कहना है कि चार टैंकरों के माध्यम से सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
लोगों ने बयां किया दर्द
टैंकरों से केवल खानापूर्ति हो रही
सभासद संतोष कुशवाहा का कहना है कि टैंकरों से केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से कई बार पेयजल समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन आश्वासन ही मिले। इससे पेयजल समस्या और विकराल हो गई है। आने वाले मई-जून में पानी के लिए मारामारी मचेगी।
एक दशक के पाइप लाइन से पानी नहीं
इंदिरानगर निवासी नजीब अहमद उर्फ सीबू ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है। नगर पंचायत की ओर से दो दिन में एक टैंकर भेजा जाता है। टैंकर पहुंचते ही पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में किसी को एक तो किसी को दो डिब्बा पानी ही मिलता है।
कई बार आवाज उठाई, पानी नहीं मिला
राजेंद्र प्रजापति बताते हैं कि जल संस्थान की पाइपलाइन जगह-जगह लीकेज है। इससे घरों में पानी नहीं आ रहा है। टैंकरों से पानी भरने के लिए रतजगा करना पड़ता है। प्रशासन से कई बार मांग करने व पानी के लिए आंदोलन किए जाने के बाद भी आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बूंद-बूंद पानी के लिए लोग परेशान
राजेंद्र नगर निवासी मुन्नालाल कुशवाहा कहते हैं कि प्रदेश की सबसे बड़ी पत्थरमंडी कबरई से सरकार को भारी भरकम राजस्व मिलता है। इसके बाद भी यहां के निवासी बूंद-बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। शासन-प्रशासन पेयजल समस्या के निराकरण को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-नजीब अहमद उर्फ सीबू। संवाद

फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-नजीब अहमद उर्फ सीबू। संवाद

फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-नजीब अहमद उर्फ सीबू। संवाद

फोटो 28 एमएएचपी 10 परिचय-नजीब अहमद उर्फ सीबू। संवाद