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चिकित्सा सेवाओं को लेकर बड़े शहरों की दौड़ लगा रहे लोग
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महोबा। कोरोना संक्रमण के चलते अस्पतालों में ओपीडी बंद हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। बीमार होने पर लोग लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर व आगरा की दौड़ लगा रहे हैं। वहीं, चिकित्सा सेवा के लिए लोग ई-पास का आवेदन कर रहे हैं। जिले में अब तक 80 ई-पास जारी हो चुके हैं। अपर जिलाधिकारी को इसके लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ने पर जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। इसके चलते मरीजों के सामने इलाज की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों के बीमार पड़ने पर उनके परिजन चिकित्सा सुविधा के लिए ई-पास बनवाकर लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर व आगरा भाग रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि सबसे अधिक चिकित्सा सेवा को लेकर लोग ई-पास के लिए आवेदन कर रहे हैं। चिकित्सा सेवाओं को लेकर शासन से छूट दी गई है फिर भी लोग किराए की गाड़ी से निकलते हैं तो कई बार वाहन स्वामी बिना पास के लोगों को सेवाएं देने से इनकार कर देते हैं। चिकित्सा सेवाओं को लोगों को समय से इलाज मिल सके, इसलिए उनके ई-पास जारी कर दिए जाते हैं। अब तक 80 ई-पास जारी हो चुके हैं।
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वहीं, आवश्यक वस्तुओं को लेकर जिला पूर्ति कार्यालय से पास जारी किए जा रहे हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की सीमा से सटे एमपी के छतरपुर जिले के लिए भी लोग ई-पास के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन गाइडलाइन में निर्देश न होने ई- पास जारी नहीं किए गए हैं।
इन सेवाओं के लिए है छूट
औद्योगिक गतिविधियां। मेडिकल व आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति व परिवहन। आपात चिकित्सकीय वाले व्यक्ति। दूर संचार सेवाएं व डाक सेवाओं के साथ मीडिया कर्मियों को आने जाने की छूट है।
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कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ने पर जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। इसके चलते मरीजों के सामने इलाज की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों के बीमार पड़ने पर उनके परिजन चिकित्सा सुविधा के लिए ई-पास बनवाकर लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर व आगरा भाग रहे हैं।
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अपर जिलाधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि सबसे अधिक चिकित्सा सेवा को लेकर लोग ई-पास के लिए आवेदन कर रहे हैं। चिकित्सा सेवाओं को लेकर शासन से छूट दी गई है फिर भी लोग किराए की गाड़ी से निकलते हैं तो कई बार वाहन स्वामी बिना पास के लोगों को सेवाएं देने से इनकार कर देते हैं। चिकित्सा सेवाओं को लोगों को समय से इलाज मिल सके, इसलिए उनके ई-पास जारी कर दिए जाते हैं। अब तक 80 ई-पास जारी हो चुके हैं।
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वहीं, आवश्यक वस्तुओं को लेकर जिला पूर्ति कार्यालय से पास जारी किए जा रहे हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की सीमा से सटे एमपी के छतरपुर जिले के लिए भी लोग ई-पास के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन गाइडलाइन में निर्देश न होने ई- पास जारी नहीं किए गए हैं।
इन सेवाओं के लिए है छूट
औद्योगिक गतिविधियां। मेडिकल व आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति व परिवहन। आपात चिकित्सकीय वाले व्यक्ति। दूर संचार सेवाएं व डाक सेवाओं के साथ मीडिया कर्मियों को आने जाने की छूट है।