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सदमे से किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला महाेबा
Updated Sat, 18 Apr 2015 12:00 AM IST
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खरेला के मोहल्ला हले में कम पैदावार देख सदमा लगने से किसान की मौत हो गई। घटना की जानकारी पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कस्बा खरेला के मोहल्ला हले निवासी शिवपाल सिंह (55) ने बैंक से करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था। चचेरे भाई से भी 20 हजार रुपये उधार लिए थे। चचेरे भाई की बेटी की 21 अप्रैल को शादी है। किसान फसल बेचकर उसकी शादी के लिए 20 हजार रुपये देना चाहता था। लेकिन ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के चलते फसल बर्बाद हो गई। चार बीघा जमीन से खाने तक को भी अनाज नहीं निकला।
भतीजी की शादी और परिवार का खर्च चलाने की चिंता उसे खाये जा रही थी। इसी के चलते वह सदमे में था और तीन दिन से खाना भी नहीं खा रहा था। शुक्रवार सुबह जब वह काफी देर तक नहीं जागा तो परिजनों ने कमरे में जाकर देखा। उसे मृत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि फसल बर्बाद होने से शिवपाल परेशान था। वहीं एसडीएम नन्हकू ने बताया कि किसान की मौत के बाबत सूचना मिली है। राजस्व विभाग की टीम भेज दी गई है। जांच में सत्यता पाए जाने पर आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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साल दर साल बिकती गई जमीन
महोबा। शिवपाल सिंह के पिता सरदार सिंह के पास 150 बीघा जमीन थी। 15 साल पहले पिता ने चाराें बेटों को 37-37 बीघा जमीन का बंटवारा कर दिया था। लेकिन आए दिन कभी सूखा, कभी ओलावृष्टि से किसानों की हालत बदतर होती गई। नतीजतन 2002 में शिवपाल ने 12 बीघा जमीन बेच दी। 2007 में पुन: दस बीघा जमीन बेच दी थी। 2009 में बेटी की शादी के लिए आठ बीघा जमीन फिर बेच दी। वरासत में मिली पूंजी को किसान शिवपाल संभाल नहीं सका। नतीजतन साल दर साल जमीन बेचता रहा। अब उसके पास मात्र चार बीघा जमीन बची थी और उस जमीन में कुदरत के कहर से फसल बर्बाद हो गई। इसी सदमे से उसकी सांसें थम गईं।
बटाईदार महिला किसान की सांसें थमीं
महोबा। श्रीनगर के मोहल्ला बजरंग कालोनी निवासी विमला (50) पत्नी बाबूलाल गांव में जमीन बटाई पर लेकर परिवार चला रही थी। उसने दो गांवाें में 15 बीघा जमीन बटाई पर ली थी। साहूकाराें से कर्ज लिया था। दो दिन पहले उसने फसल की थ्रेसरिंग कराई तो 20 फीसदी भी फसल न निकलने पर वह खलिहान में ही गश खाकर गिर गई। उसे आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। उप जिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी पता लगाकर जांच कराई जाएगी।
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कस्बा खरेला के मोहल्ला हले निवासी शिवपाल सिंह (55) ने बैंक से करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था। चचेरे भाई से भी 20 हजार रुपये उधार लिए थे। चचेरे भाई की बेटी की 21 अप्रैल को शादी है। किसान फसल बेचकर उसकी शादी के लिए 20 हजार रुपये देना चाहता था। लेकिन ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के चलते फसल बर्बाद हो गई। चार बीघा जमीन से खाने तक को भी अनाज नहीं निकला।
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भतीजी की शादी और परिवार का खर्च चलाने की चिंता उसे खाये जा रही थी। इसी के चलते वह सदमे में था और तीन दिन से खाना भी नहीं खा रहा था। शुक्रवार सुबह जब वह काफी देर तक नहीं जागा तो परिजनों ने कमरे में जाकर देखा। उसे मृत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि फसल बर्बाद होने से शिवपाल परेशान था। वहीं एसडीएम नन्हकू ने बताया कि किसान की मौत के बाबत सूचना मिली है। राजस्व विभाग की टीम भेज दी गई है। जांच में सत्यता पाए जाने पर आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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साल दर साल बिकती गई जमीन
महोबा। शिवपाल सिंह के पिता सरदार सिंह के पास 150 बीघा जमीन थी। 15 साल पहले पिता ने चाराें बेटों को 37-37 बीघा जमीन का बंटवारा कर दिया था। लेकिन आए दिन कभी सूखा, कभी ओलावृष्टि से किसानों की हालत बदतर होती गई। नतीजतन 2002 में शिवपाल ने 12 बीघा जमीन बेच दी। 2007 में पुन: दस बीघा जमीन बेच दी थी। 2009 में बेटी की शादी के लिए आठ बीघा जमीन फिर बेच दी। वरासत में मिली पूंजी को किसान शिवपाल संभाल नहीं सका। नतीजतन साल दर साल जमीन बेचता रहा। अब उसके पास मात्र चार बीघा जमीन बची थी और उस जमीन में कुदरत के कहर से फसल बर्बाद हो गई। इसी सदमे से उसकी सांसें थम गईं।
बटाईदार महिला किसान की सांसें थमीं
महोबा। श्रीनगर के मोहल्ला बजरंग कालोनी निवासी विमला (50) पत्नी बाबूलाल गांव में जमीन बटाई पर लेकर परिवार चला रही थी। उसने दो गांवाें में 15 बीघा जमीन बटाई पर ली थी। साहूकाराें से कर्ज लिया था। दो दिन पहले उसने फसल की थ्रेसरिंग कराई तो 20 फीसदी भी फसल न निकलने पर वह खलिहान में ही गश खाकर गिर गई। उसे आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। उप जिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी पता लगाकर जांच कराई जाएगी।