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देखरेख से ही शिशु और मातृत्व मृत्युदर में होगी कमी
ब्यूरो/अमर उजाला, महाोबा
Updated Mon, 13 Jul 2015 11:23 PM IST
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माड्यूल प्रशिक्षण में घर-घर जाकर नवजात शिशुआें और गर्भवती महिलाओं की देखरेख करने के लिए आशा बहुओं को गुर सिखाए गए। नवजात शिशु और मातृत्व मृत्युदर में कमी लाने के लिए आशाआें को घर-घर जाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करने पर जोर दिया।
चरखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में माड्यूल 6 और 7 का पांच दिवसीय आशा बहुआें का द्वितीय सत्र का प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया। नवजात शिशु और मातृत्व मृत्युदर मे कमी लाने के उद्देश्य से शुरू हुए प्रशिक्षण में डा. अनिल सचान ने आशाओं कि जवाबदेही को बताते हुए कहा कि घराें पर नवजात और माता की देखभाल निर्धारित समय पर किए जाने की जरूरत है। सात दौराें में आशाआें को उनके गर्भकाल से ही व्यापक देखरेख करनी चाहिए। सुरक्षित प्रसव के बाद घरों में निर्धारित समय पर पहुंच कर नवजात शिशु और मां की देखभाल करने पर ही मृत्यु दर मे कमी आएंगी।आशा बहुओं को समय-समय पर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की देखभाल व टीकाकरण की जानकारी दी। प्रशिक्षक रीमा मिश्रा और उमादेवी ने मृत्युदर में कमी लाने के लिए आशा बहुओं को अहम जिम्मेदारी निभाने की अवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण मे खरेला क्षेत्र की खेमवती, दीपा, संगीता देवी, इंद्र कुमारी, परथनिया की आशा हीरादेवी सहित क्षेत्र की तमाम आशा बहुएं मौजूद रहीं।
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चरखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में माड्यूल 6 और 7 का पांच दिवसीय आशा बहुआें का द्वितीय सत्र का प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया। नवजात शिशु और मातृत्व मृत्युदर मे कमी लाने के उद्देश्य से शुरू हुए प्रशिक्षण में डा. अनिल सचान ने आशाओं कि जवाबदेही को बताते हुए कहा कि घराें पर नवजात और माता की देखभाल निर्धारित समय पर किए जाने की जरूरत है। सात दौराें में आशाआें को उनके गर्भकाल से ही व्यापक देखरेख करनी चाहिए। सुरक्षित प्रसव के बाद घरों में निर्धारित समय पर पहुंच कर नवजात शिशु और मां की देखभाल करने पर ही मृत्यु दर मे कमी आएंगी।आशा बहुओं को समय-समय पर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की देखभाल व टीकाकरण की जानकारी दी। प्रशिक्षक रीमा मिश्रा और उमादेवी ने मृत्युदर में कमी लाने के लिए आशा बहुओं को अहम जिम्मेदारी निभाने की अवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण मे खरेला क्षेत्र की खेमवती, दीपा, संगीता देवी, इंद्र कुमारी, परथनिया की आशा हीरादेवी सहित क्षेत्र की तमाम आशा बहुएं मौजूद रहीं।
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