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महोबा: हादसों की जड़ हैवी ब्लास्टिंग, तेज कंपन से हिलते पहाड़
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गंज के चंदला पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए इस तरह किए गए थे चार इंची छेद।
- फोटो : MAHOBA
कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई में नियमों की अनदेखी कर खनन कार्य कराया जा रहा है। विभाग से पहाड़ों में खनन के लिए एक से दो इंच ब्लास्टिंग की अनुमति दी जाती है लेकिन अधिक कमाई के लालच में पट्टाधारक चार इंजी हैवी ब्लास्टिंग करते हैं। इससे हादसे होते हैं।
पत्थरमंडी कबरई के गंज गांव स्थित चंदला पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय बुधवार को दो श्रमिकों मधु और महेंद्र की मौत हो गई थी। खनिज नीति के अनुसार प्रशिक्षित ब्लास्टर से एक इंच ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने का प्रावधान है। आबादी क्षेत्र से दूर खनन कार्य के लिए आवंटित पहाड़ों पर शासन की विशेष अनुमति पर ही चार इंच ब्लास्टिंग की जा सकती है लेकिन यहां बिना अनुमति पट्टाधारक अवैध तरीके से हैवी ब्लास्टिंग करते हैं। गंज गांव निवासी राममूर्ति, सजीवन, गंगादीन, छंगा अहिरवार, गया अनुरागी, शिवकली, रामबाई ने बताया कि ब्लास्टिंग होने पर मकान हिल जाते हैं। कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं।
दो श्रमिकों की मौत के मामले में गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। पहाड़ में जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाई गई। मानक के अनुरूप खनन कार्य होता न मिलने पर पट्टाधारक को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह के अंदर सही जवाब न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई होगी। पहाड़ में घटना व जांच होने के चलते अधिकांश पहाड़ों में गुरुवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
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एडीएम रामप्रकाश ने बताया कि जांच में मानक के अनुरूप खनन होता न मिलने पर पट्टाधारक देवेंद्र गुप्ता के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
श्रमिक मधु व महेंद्र अहिरवार की ब्लास्टिंग के लिए छेद करने के दौरान पत्थर गिरने से मौत पर परिजनों ने थाने में तहरीर नहीं दी। दोनों मृतकों के परिजनों को 11-11 लाख रुपये दिए जाने का भरोसा दिया गया।
मृतक मधु के पिता गया अनुरागी ने बताया कि पट्टाधारक ने कानूनी कार्रवाई न करने की शर्त पर दस लाख रुपये मृतक के परिजनों और एक लाख रुपये त्रयोदशी संस्कार करने के लिए देने को कहा है। मृतक महेंद्र के पिता छंगा अहिरवार ने बताया कि अधिकारियों व पट्टाधारक देवेंद्र गुप्ता ने 11 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। इसलिए अभी कोई तहरीर नहीं दी है। (संवाद)
चंदला पहाड़ में दो श्रमिकों की मौत के बाद गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। गंज गांव में एक साथ दो अर्थियां उठने से हर आंख नम और चारों ओर मातम नजर आया। अंतिम संस्कार के बाद मृतक मधु की पत्नी सुनीता आंगन में गमगीन बैठी रही जबकि उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे रितिक, कार्तिक व विनीता बिलखते नजर आए। इसी तरह महेंद्र की पत्नी क्रांति अपनी नौ माह की बेटी मुस्कान को गोद में लेकर बिलखती रही।
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पत्थरमंडी कबरई के गंज गांव स्थित चंदला पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय बुधवार को दो श्रमिकों मधु और महेंद्र की मौत हो गई थी। खनिज नीति के अनुसार प्रशिक्षित ब्लास्टर से एक इंच ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने का प्रावधान है। आबादी क्षेत्र से दूर खनन कार्य के लिए आवंटित पहाड़ों पर शासन की विशेष अनुमति पर ही चार इंच ब्लास्टिंग की जा सकती है लेकिन यहां बिना अनुमति पट्टाधारक अवैध तरीके से हैवी ब्लास्टिंग करते हैं। गंज गांव निवासी राममूर्ति, सजीवन, गंगादीन, छंगा अहिरवार, गया अनुरागी, शिवकली, रामबाई ने बताया कि ब्लास्टिंग होने पर मकान हिल जाते हैं। कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं।
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दो श्रमिकों की मौत के मामले में गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। पहाड़ में जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाई गई। मानक के अनुरूप खनन कार्य होता न मिलने पर पट्टाधारक को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह के अंदर सही जवाब न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई होगी। पहाड़ में घटना व जांच होने के चलते अधिकांश पहाड़ों में गुरुवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
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एडीएम रामप्रकाश ने बताया कि जांच में मानक के अनुरूप खनन होता न मिलने पर पट्टाधारक देवेंद्र गुप्ता के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
श्रमिक मधु व महेंद्र अहिरवार की ब्लास्टिंग के लिए छेद करने के दौरान पत्थर गिरने से मौत पर परिजनों ने थाने में तहरीर नहीं दी। दोनों मृतकों के परिजनों को 11-11 लाख रुपये दिए जाने का भरोसा दिया गया।
मृतक मधु के पिता गया अनुरागी ने बताया कि पट्टाधारक ने कानूनी कार्रवाई न करने की शर्त पर दस लाख रुपये मृतक के परिजनों और एक लाख रुपये त्रयोदशी संस्कार करने के लिए देने को कहा है। मृतक महेंद्र के पिता छंगा अहिरवार ने बताया कि अधिकारियों व पट्टाधारक देवेंद्र गुप्ता ने 11 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। इसलिए अभी कोई तहरीर नहीं दी है। (संवाद)
चंदला पहाड़ में दो श्रमिकों की मौत के बाद गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। गंज गांव में एक साथ दो अर्थियां उठने से हर आंख नम और चारों ओर मातम नजर आया। अंतिम संस्कार के बाद मृतक मधु की पत्नी सुनीता आंगन में गमगीन बैठी रही जबकि उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे रितिक, कार्तिक व विनीता बिलखते नजर आए। इसी तरह महेंद्र की पत्नी क्रांति अपनी नौ माह की बेटी मुस्कान को गोद में लेकर बिलखती रही।

मृतक मधु की गमगीन माहौल में बैठी पत्नी सुनीता व रोते-बिलखते बच्चे।- फोटो : MAHOBA