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एसआईटी खंगाल रही कॉल डिटेल
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महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक के गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले की जांच कर रही एसआईटी अब आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों व उनके करीबियों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। ऐसे में कई और नाम सामने आ सकते हैं। सुसाइट नोट के मिलान के साथ अधिवक्ता के लाइसेंसी राइफल की भी जांच कराई गई है। जल्द ही एसआईटी की जांच पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने 13 फरवरी की रात घर में अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव, उसका भतीजा विक्रम यादव समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुख्य आरोपी व परिजनों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है, जो संपत्तियां शेष रह गईं हैं, उन्हें प्रशासन सीज कर नोटिस चस्पा कर रहा है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। हाईप्रोफाइल मामला होने से चलते एक-एक बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है।
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मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अब आरोपियों की सर्विलांस की मदद से कॉल डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। घटना से पहले आरोपियों की किससे बात हुई और कौन-कौन लोग इसमें शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता के आत्महत्या के मामले में एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख व उनके साथियों से इस मामले में बातचीत करने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
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समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने 13 फरवरी की रात घर में अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव, उसका भतीजा विक्रम यादव समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुख्य आरोपी व परिजनों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है, जो संपत्तियां शेष रह गईं हैं, उन्हें प्रशासन सीज कर नोटिस चस्पा कर रहा है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। हाईप्रोफाइल मामला होने से चलते एक-एक बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है।
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मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अब आरोपियों की सर्विलांस की मदद से कॉल डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। घटना से पहले आरोपियों की किससे बात हुई और कौन-कौन लोग इसमें शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता के आत्महत्या के मामले में एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख व उनके साथियों से इस मामले में बातचीत करने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।