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दलहन बिक्री के 19 करोड़ रुपये फंसे
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महोबा। समर्थन मूल्य योजना के तहत जिले में संचालित तीन दलहन व तिलहन खरीद केंद्र किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। खरीद केंद्र में बेचे गए माल का किसानों को आज तक भुगतान नहीं किया गया है। जैतपुर केंद्र में 1,076 किसानों का 19 करोड़ रुपये फंसा है। भुगतान न होने से किसान अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में एक अप्रैल से शुरू होने वाली दलहन खरीद 20 दिन बाद 21 अप्रैल से प्रारंभ हो सकी। तीन चयनित केंद्रों में से गौरहारी केंद्र में अभी तक एक दाना भी नहीं खरीदा गया। जैतपुर केंद्र में 23,153 क्विंटल चना अब तक किसानों का खरीदा गया। 1,076 किसानों का 19 करोड़ रुपये एक माह बाद भी नहीं मिल सका। किसान छिकौड़ीलाल ने बताया कि पांच जून को उसकी बेटी की शादी है लेकिन भुगतान न मिलने से अभी तक शादी के लिए सामग्री की खरीद नहीं हो सकी। दो दर्जन अन्य किसान ऐसे हैं, जिनकी बेटियों की शादी टलने की संभावना बनी है।
किसानों ने कई बार नैफेड अधिकारियों से मांग की लेकिन भुगतान न होने से किसानों में आक्रोश है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय का कहना है कि भुगतान के संबंध में जिला प्रबंधक पीसीएफ शरद सिंह लखनऊ गए हैं। नैफेड के पोर्टल पर फीडिंग न होने से भुगतान लटका है। जल्द ही किसानों का भुगतान कराया जाएगा।
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जिले में एक अप्रैल से शुरू होने वाली दलहन खरीद 20 दिन बाद 21 अप्रैल से प्रारंभ हो सकी। तीन चयनित केंद्रों में से गौरहारी केंद्र में अभी तक एक दाना भी नहीं खरीदा गया। जैतपुर केंद्र में 23,153 क्विंटल चना अब तक किसानों का खरीदा गया। 1,076 किसानों का 19 करोड़ रुपये एक माह बाद भी नहीं मिल सका। किसान छिकौड़ीलाल ने बताया कि पांच जून को उसकी बेटी की शादी है लेकिन भुगतान न मिलने से अभी तक शादी के लिए सामग्री की खरीद नहीं हो सकी। दो दर्जन अन्य किसान ऐसे हैं, जिनकी बेटियों की शादी टलने की संभावना बनी है।
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किसानों ने कई बार नैफेड अधिकारियों से मांग की लेकिन भुगतान न होने से किसानों में आक्रोश है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय का कहना है कि भुगतान के संबंध में जिला प्रबंधक पीसीएफ शरद सिंह लखनऊ गए हैं। नैफेड के पोर्टल पर फीडिंग न होने से भुगतान लटका है। जल्द ही किसानों का भुगतान कराया जाएगा।
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