UP: छत पर दादा-दादी के साथ सो रहे पांच भाई-बहनों में से तीन को सांप ने डसा, दो की मौत; एक की हालत गंभीर
गांव में भाई-बहनों को जहरीले सर्प के काटने के बाद परिजन इलाज की बजाय कई घंटे झाड़-फूंक कराते रहे। हालत बिगड़ने पर जब तक अस्पताल ले गए।
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यूपी के महोबा स्थित थाना महोबकंठ के इटौरा बुजुर्ग गांव में छत पर सो रहे पांच भाई-बहनों में से तीन को सर्प ने डस लिया। जिनमें से भाई-बहन की मौत हो गई जबकि छोटी बहन का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। घटना से गांव में मातम का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इटौरा बुजुर्ग गांव निवासी रामनरेश अहिरवार और उसकी पत्नी अनीता दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं जबकि उनके पांच बच्चे मिथुन (20), सरोज कुमारी (16), वीर नारायण (12), प्रीति (10) व मोहित (07) घर पर दादा-दादी के साथ रहते थे। शनिवार की रात पांच भाई-बहन गर्मी व उमस होने के चलते छत पर लेटे थे।
देर रात सोते समय सरोज कुमारी, वीर नारायण और प्रीति को जहरीले सर्प ने डस लिया। जिससे तीनों की हालत बिगड़ गई। परिजन तीनों बच्चों का झाड़-फूंक कराते रहे। रविवार की शाम तीनों की हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने सरोज कुमारी और वीर नारायण को मृत घोषित कर दिया जबकि प्रीति की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की सूचना दिल्ली में रह रहे माता-पिता को दी गई है। सूचना पर नायब तहसीलदार विकास कुमार ने कानूनगो व लेखपाल के साथ मौके पर पहुंच जांच की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।
झाड़-फूंक की बजाय इलाज कराते तो बच सकती थी जान
इटौराबुजुर्ग गांव में भाई-बहनों को जहरीले सर्प के काटने के बाद परिजन इलाज की बजाय कई घंटे झाड़-फूंक कराते रहे। हालत बिगड़ने पर जब तक अस्पताल ले गए। तब तक दो की मौत हो गई। यदि परिजन सर्प के डसने के बाद बच्चों को सीधे अस्पताल ले जाते तो भाई-बहन की जान बच सकती थी।