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घोड़ी चढ़ेगा अलखराम: दुल्हन के बालिग होने का इंतजार, रिश्तेदारों को बांटे जा चुके हैं शादी के कार्ड
Fri, 18 Jun 2021 08:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 18 Jun 2021 08:50 PM IST
सार
अलखराम को मंगेतर के नाबालिग होने पर मायूसी हाथ लगी। मंगेतर के बालिग होने तक प्रशासन ने लिखित सहमति लेकर शादी टलवा दी है।
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अलखराम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
महोबा में घोड़ी चढ़कर शादी करने के सपने संजोए अलखराम को मंगेतर के नाबालिग होने पर मायूसी हाथ लगी। मंगेतर के बालिग होने तक प्रशासन ने लिखित सहमति लेकर शादी टलवा दी है। इस बीच 17 जून को केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला व राज्य सदस्य तरुण खन्ना ने माधवगंज व बीहट गांव पहुंचकर दोनों के परिजनों से मुलाकात की थी।
इस दौरान उन्होंने शादी की निर्धारित तिथि पर इंगेजमेंट (रोका) की रस्म अदा करने को लेकर सहमति दी थी। शुक्रवार को वर व वधू पक्ष के बीच कई दौर में वार्ता हुई लेकिन कोई कार्यक्रम नहीं हो सका। अलखराम ने बताया कि 18 जून को उसकी शादी थी, जिसको लेकर सभी रिश्तेदारों को कार्ड भी बांटे जा चुके थे। इस बीच मंगेतर के नाबालिग होने पर प्रशासन ने उसके बालिग होने तक शादी टलवा दी।
शादी की निर्धारित तिथि से 24 घंटे पहले इंगेजमेंट की रस्म पूरी करने की अनुमति दी गई, लेकिन वर व वधू पक्ष में चंद घंटों में इस आयोजन करने की सहमति नहीं बन सकी। अब मंगेतर के बालिग होने के बाद ही शादी की नई तिथि तय करेगा और घोड़ी चढ़कर दुल्हन को विदा कराएगा।
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बौद्ध धर्म अपनाएगा अलखराम
अलखराम ने ट्टिवर के माध्यम से धर्म बदलने की इच्छा जताई है। उसने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा कि बहुत जल्द ही धर्म त्याग दूंगा और बौद्ध धर्म अपनाऊंगा। अलखराम ने बताया कि हिंदू समाज में अपने ही धर्म के लोग ही विरोध कर रहे हैं इससे अच्छा है अपना धर्म ही त्याग दूं। मैंने बौद्ध धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। हमीरपुर जिले के सरीला में बौद्ध धर्म से जुड़ने के लिए संपर्क किया है।
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इस दौरान उन्होंने शादी की निर्धारित तिथि पर इंगेजमेंट (रोका) की रस्म अदा करने को लेकर सहमति दी थी। शुक्रवार को वर व वधू पक्ष के बीच कई दौर में वार्ता हुई लेकिन कोई कार्यक्रम नहीं हो सका। अलखराम ने बताया कि 18 जून को उसकी शादी थी, जिसको लेकर सभी रिश्तेदारों को कार्ड भी बांटे जा चुके थे। इस बीच मंगेतर के नाबालिग होने पर प्रशासन ने उसके बालिग होने तक शादी टलवा दी।
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शादी की निर्धारित तिथि से 24 घंटे पहले इंगेजमेंट की रस्म पूरी करने की अनुमति दी गई, लेकिन वर व वधू पक्ष में चंद घंटों में इस आयोजन करने की सहमति नहीं बन सकी। अब मंगेतर के बालिग होने के बाद ही शादी की नई तिथि तय करेगा और घोड़ी चढ़कर दुल्हन को विदा कराएगा।
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बौद्ध धर्म अपनाएगा अलखराम
अलखराम ने ट्टिवर के माध्यम से धर्म बदलने की इच्छा जताई है। उसने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा कि बहुत जल्द ही धर्म त्याग दूंगा और बौद्ध धर्म अपनाऊंगा। अलखराम ने बताया कि हिंदू समाज में अपने ही धर्म के लोग ही विरोध कर रहे हैं इससे अच्छा है अपना धर्म ही त्याग दूं। मैंने बौद्ध धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। हमीरपुर जिले के सरीला में बौद्ध धर्म से जुड़ने के लिए संपर्क किया है।