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Mahoba News: पंखे के हुक से फंदा लगाकर युवक ने दी जान
Sat, 04 Apr 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:17 AM IST
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कबरई (महोबा)। थाना कबरई के गंज गांव में बृहस्पतिवार की रात युवक ने कमरे में पंखे के हुक से फंदा लगाकर जान दे दी। दादा का आरोप है कि गंज गांव कबरई बांध के डूब क्षेत्र में आता है। लंबे समय से मकानों के मुआवजे की मांग की जा रही है। मकान का मुआवजा न मिलने से परेशान होकर युवक ने यह कदम उठाया। हालांकि प्रशासन इसे घरेलू कलह बता रहा है।
गंज गांव निवासी चंद्रभान वर्मा अपनी पत्नी रामदेवी और छोटे बेटे मुरलीधर के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं जबकि बड़ा बेटा शिवनारायण वर्मा (उन्नीस) व बेटी रीता गांव में रहते हैं। बृहस्पतिवार की रात खाना खाने के बाद रीता अपने कमरे में सो गई और शिवनारायण अपने कमरे में चला गया। शुक्रवार की सुबह जब रीता जगी तो उसने भाई शिवनारायण को जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद मिला। काफी देर जब कोई जवाब नहीं मिला तो पड़ोसियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो शिवनारायण का शव फंदे पर लटकता मिला।
दादा बाबू वर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 में उनकी जमीन डूब क्षेत्र में गई थी। जिसका मुआवजा मिला था लेकिन किसान विस्थापन और मकानों के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की टीम सर्वे के लिए गांव आई थी। अधिकारियों ने मकानों का मुआवजा देने से इन्कार कर दिया।
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इससे शिवनारायण परेशान हो गया और इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि जिनकी भूमि डूब क्षेत्र में गई है। उनका मुआवजा वर्ष 2018 में दिया गया था। उनका परिवार दिल्ली में रहता है और कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था। जांच में आत्महत्या की वजह घरेलू कलह सामने आई है। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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गंज गांव निवासी चंद्रभान वर्मा अपनी पत्नी रामदेवी और छोटे बेटे मुरलीधर के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं जबकि बड़ा बेटा शिवनारायण वर्मा (उन्नीस) व बेटी रीता गांव में रहते हैं। बृहस्पतिवार की रात खाना खाने के बाद रीता अपने कमरे में सो गई और शिवनारायण अपने कमरे में चला गया। शुक्रवार की सुबह जब रीता जगी तो उसने भाई शिवनारायण को जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद मिला। काफी देर जब कोई जवाब नहीं मिला तो पड़ोसियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो शिवनारायण का शव फंदे पर लटकता मिला।
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दादा बाबू वर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 में उनकी जमीन डूब क्षेत्र में गई थी। जिसका मुआवजा मिला था लेकिन किसान विस्थापन और मकानों के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की टीम सर्वे के लिए गांव आई थी। अधिकारियों ने मकानों का मुआवजा देने से इन्कार कर दिया।
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इससे शिवनारायण परेशान हो गया और इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि जिनकी भूमि डूब क्षेत्र में गई है। उनका मुआवजा वर्ष 2018 में दिया गया था। उनका परिवार दिल्ली में रहता है और कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था। जांच में आत्महत्या की वजह घरेलू कलह सामने आई है। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।