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Mahoba News: लहचूरा बांध की निगरानी के लिए बनेगी बाढ़ नियंत्रण चौकी
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महोबा। आगामी मानसून सत्र में यूपी-एमपी सीमा पर स्थित लहचूरा बांध को लेकर सिंचाई विभाग ने पूरी सतर्कता बरतने की तैयारी शुरू कर दी है। बांध की निगरानी के लिए बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित की जाएगी जहां दिन-रात कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में तैनाती होगी।
लहचूरा बांध जनपद का प्रमुख बाध है और इसमें मध्यप्रदेश क्षेत्र से आने वाले पानी के साथ झांसी क्षेत्र में हुई बारिश का पानी भी आता है। अधिक पानी होने पर फाटक खोलकर अर्जुन सहायक नहर और कबरई बांध में पानी डिस्चार्ज किया जाएगा। बांध में कुल 17 फाटक हैं और इसकी अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर तथा न्यूनतम 175.50 मीटर है। वर्तमान में बांध में 181.20 मीटर पानी मौजूद है।
अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण चौकी में छह से सात कर्मचारी तैनात रहेंगे और तीन जेई बांध की निगरानी करेंगे। दो-दो घंटे के अंतराल में जलस्तर मापा जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य संबंधित बांधों में छोड़ा जाएगा।
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बांध की सतर्क निगरानी विशेष रूप से 15 जून से 15 अक्तूबर तक की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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लहचूरा बांध जनपद का प्रमुख बाध है और इसमें मध्यप्रदेश क्षेत्र से आने वाले पानी के साथ झांसी क्षेत्र में हुई बारिश का पानी भी आता है। अधिक पानी होने पर फाटक खोलकर अर्जुन सहायक नहर और कबरई बांध में पानी डिस्चार्ज किया जाएगा। बांध में कुल 17 फाटक हैं और इसकी अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर तथा न्यूनतम 175.50 मीटर है। वर्तमान में बांध में 181.20 मीटर पानी मौजूद है।
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अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण चौकी में छह से सात कर्मचारी तैनात रहेंगे और तीन जेई बांध की निगरानी करेंगे। दो-दो घंटे के अंतराल में जलस्तर मापा जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य संबंधित बांधों में छोड़ा जाएगा।
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बांध की सतर्क निगरानी विशेष रूप से 15 जून से 15 अक्तूबर तक की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।