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खरीफ फसलों का शत प्रतिशत बीमा कराने के निर्देश
mahoba
Updated Tue, 22 May 2018 11:10 PM IST
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-बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी
- फोटो : amarujala
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महोबा। जिलाधिकारी सहदेव की अध्यक्षता में वर्ष 2018-19 में खरीफ फसलों का लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत बीमा कराने के लिए अधिकारियों की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें 31 जुलाई तक किसानों का शत प्रतिशत बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से इस काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि खरीफ 2018 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को शत प्रतिशत बीमित करने का लक्ष्य रखा गया है। किसान वाणिज्यिक एवं सहकारी बैंक से बीमा करा सकते हैं जबकि गैर ऋणी कृृषक जनसेवा केंद्र के माध्यम से बैंक पासबुक, आधार कार्ड, खतौनी की नकल तथा वास्तविक बोये गये क्षेत्रफल की पुष्टि के लिए स्व:प्रमाणित लिखित प्रमाण पत्र लगा कर फसल बीमा 31 जुलाई से पूर्व करा सकते हैं। इस योजना के तहत फसल में संभावित उपज सामान्य उपज से कम होने पर ओलावृृष्टि, भूस्खलन, अतिवृृष्टि, रोगों, बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली, तूफान आदि से क्षति होने पर किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि खरीफ फसल में कृृषक प्रीमियम अंश 2.0 प्रतिशत के आधार पर उर्द का 395 रुपये, मूंग का 327 रुपये, तिल 106 रुपये, मूंगफली का 408 रुपये, ज्वार का 249 रुपये तथा अरहर का 635 रुपये कृृषक प्रीमियम अंश प्रति हेक्टेयर रखा गया है। डीएम ने बताया कि खरीफ वर्ष 2017 में 11175 कृृषकों को कुल 9 करोड़ 44 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में कृृषकों के खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है। इसके अलावा रबी वर्ष 2017-18 में असफल बुवाई से प्राभवित 78 ग्राम पंचायतों में 12 करोड़ 5 लाख रुपये कृृषकों के खाते में भेजा जा चुका है। बैठक में डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार सक्सेना, अपर सांख्यिकीय अधिकारी नरेंद्र गुप्ता, जिला कृृषि अधिकारी के.के. सिंह, एलडीएम सुकांत कुमार साहू मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि खरीफ 2018 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को शत प्रतिशत बीमित करने का लक्ष्य रखा गया है। किसान वाणिज्यिक एवं सहकारी बैंक से बीमा करा सकते हैं जबकि गैर ऋणी कृृषक जनसेवा केंद्र के माध्यम से बैंक पासबुक, आधार कार्ड, खतौनी की नकल तथा वास्तविक बोये गये क्षेत्रफल की पुष्टि के लिए स्व:प्रमाणित लिखित प्रमाण पत्र लगा कर फसल बीमा 31 जुलाई से पूर्व करा सकते हैं। इस योजना के तहत फसल में संभावित उपज सामान्य उपज से कम होने पर ओलावृृष्टि, भूस्खलन, अतिवृृष्टि, रोगों, बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली, तूफान आदि से क्षति होने पर किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जायेगा।
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जिलाधिकारी ने बताया कि खरीफ फसल में कृृषक प्रीमियम अंश 2.0 प्रतिशत के आधार पर उर्द का 395 रुपये, मूंग का 327 रुपये, तिल 106 रुपये, मूंगफली का 408 रुपये, ज्वार का 249 रुपये तथा अरहर का 635 रुपये कृृषक प्रीमियम अंश प्रति हेक्टेयर रखा गया है। डीएम ने बताया कि खरीफ वर्ष 2017 में 11175 कृृषकों को कुल 9 करोड़ 44 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में कृृषकों के खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है। इसके अलावा रबी वर्ष 2017-18 में असफल बुवाई से प्राभवित 78 ग्राम पंचायतों में 12 करोड़ 5 लाख रुपये कृृषकों के खाते में भेजा जा चुका है। बैठक में डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार सक्सेना, अपर सांख्यिकीय अधिकारी नरेंद्र गुप्ता, जिला कृृषि अधिकारी के.के. सिंह, एलडीएम सुकांत कुमार साहू मौजूद रहे।
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