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भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में महली सागर 14 साल बाद फिर शुरू होगा पुल निर्माण
Thu, 30 May 2019 06:17 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 30 May 2019 06:17 AM IST
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भारत-नेपाल मैत्री द्वार
- फोटो : amar ujala
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नेपाल सीमा से सटे जमींदारी नहर प्रणाली के महली सागर परिक्षेत्र में रुके पुल निर्माण का कार्य दोबारा शुरू होगा। वर्ष 2005 में निर्माणाधीन पुल पर नेपाल सरकार की आपत्ति के बाद 14 वर्ष से पुल का निर्माण कार्य ठप पड़ा है। नेपाल का कहना था कि पुल बनने के बाद नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में बाढ़ आ सकती है। पुल की ऊंचाई कम करने की बात भी कही थी।
पुल निर्माण फिर से शुरू कराने के लिए भारत व नेपाल की सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार से बुधवार तक क्षेत्र में सर्वे किया। सर्वे रिपोर्ट दोनों देशों के उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने के संबंध में विचार-विमर्श किया जाएगा।
नेपाल की टीम की अगुवाई मुकेश पाठक ने की जबकि भारत की ओर से टीम में ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के सहायक अभियंता मनोज कुमार रायजादा, अवर अभियंता एमटी राय व अभिजीत सिंह टीम में शामिल थे। बताया गया कि सर्वे रिपोर्ट जल्द दोनों देशों के उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। नेपाल की सरकार ने सर्वे रिपोर्ट के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया तो पुल निर्माण को गति मिल सकती है।
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पुल निर्माण फिर से शुरू कराने के लिए भारत व नेपाल की सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार से बुधवार तक क्षेत्र में सर्वे किया। सर्वे रिपोर्ट दोनों देशों के उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने के संबंध में विचार-विमर्श किया जाएगा।
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नेपाल की टीम की अगुवाई मुकेश पाठक ने की जबकि भारत की ओर से टीम में ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के सहायक अभियंता मनोज कुमार रायजादा, अवर अभियंता एमटी राय व अभिजीत सिंह टीम में शामिल थे। बताया गया कि सर्वे रिपोर्ट जल्द दोनों देशों के उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। नेपाल की सरकार ने सर्वे रिपोर्ट के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया तो पुल निर्माण को गति मिल सकती है।
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