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Maharajganj News: नाम के लिए परेशान...तहसील के चक्कर लगा रहे किसान
Wed, 12 Feb 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 12 Feb 2025 12:51 AM IST
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महराजगंज। नाम में अंतर से फार्मर रजिस्ट्री में पेंच फंस गया है। इससे करीब 2000 से अधिक किसान परेशान हैं। सहज जनसेवा केंद्र से तहसील का चक्कर लगाने को किसान मजबूर हैं। किसी के खतौनी में नाम दुरुस्त नहीं है तो किसी का आधार कार्ड में नाम गड़बड़ है। आधार और खतौनी में किसानों के नाम की गड़बड़ी दूर नहीं हो पा रही है। इस वजह से किसानों को प्रतिदिन जनसुविधा केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा है। कई जगहों पर किसानों के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है।
मुजुरी कस्बे में सहज सेवा केंद्र पर कई लोग परेशान दिखे। बैदा गांव निवासी लालचंद झोले से एक पेपर निकालते हुए बोले कि, बहुत समस्या है। एक सप्ताह से परेशान हूं। खतौनी में नाम नहीं चढ़ा है। इसे ठीक कराने के लिए कई दिन से भटक रहा हूं। फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो परेशानी होगी।
वहीं पोखरहवा के मगन ने बताया कि नाम मग्गन हो गया है, इसे ठीक कराना है। इसी तरह से सदर तहसील में साहेब मिले। उन्होंने बताया कि आधार में साहेब मौर्या लिखा है, लेकिन खतौनी में साहेब है। इसके चलते फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। तहसील में रोजाना इस तरह की समस्या से पीड़ित लोग आ रहे हैं।
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नाम में अंतर होने की समस्या से कई लोग परेशान हैं। उदाहरण के लिए जैसे किसी का नाम ज्ञानचंद मौर्या है, तो आधार में यह नाम नहीं है, जबकि खतौनी में ज्ञानचंद ही लिखा है, ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री कराने के दौरान साॅफ्टवेयर रिजेक्ट कर दे रहा है।
अजय मौर्य ने बताया कि इस समस्या का समाधान कराने में परेशानी हो रही है। कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।
इसके अलावा निचलौल तहसील में भी कुछ ऐसा ही हाल है। सहज जनसेवा केंद्रों पर रोजाना किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन नाम में गड़बड़ी होने के कारण परेशान हो रहे हैं।
कृषि विभाग के आकड़ों के मुताबिक अब तक एक लाख 84 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि जिले में 4 लाख 74 हजार किसान पंजीकृत हैं।
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मुजुरी कस्बे में सहज सेवा केंद्र पर कई लोग परेशान दिखे। बैदा गांव निवासी लालचंद झोले से एक पेपर निकालते हुए बोले कि, बहुत समस्या है। एक सप्ताह से परेशान हूं। खतौनी में नाम नहीं चढ़ा है। इसे ठीक कराने के लिए कई दिन से भटक रहा हूं। फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो परेशानी होगी।
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वहीं पोखरहवा के मगन ने बताया कि नाम मग्गन हो गया है, इसे ठीक कराना है। इसी तरह से सदर तहसील में साहेब मिले। उन्होंने बताया कि आधार में साहेब मौर्या लिखा है, लेकिन खतौनी में साहेब है। इसके चलते फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। तहसील में रोजाना इस तरह की समस्या से पीड़ित लोग आ रहे हैं।
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नाम में अंतर होने की समस्या से कई लोग परेशान हैं। उदाहरण के लिए जैसे किसी का नाम ज्ञानचंद मौर्या है, तो आधार में यह नाम नहीं है, जबकि खतौनी में ज्ञानचंद ही लिखा है, ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री कराने के दौरान साॅफ्टवेयर रिजेक्ट कर दे रहा है।
अजय मौर्य ने बताया कि इस समस्या का समाधान कराने में परेशानी हो रही है। कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।
इसके अलावा निचलौल तहसील में भी कुछ ऐसा ही हाल है। सहज जनसेवा केंद्रों पर रोजाना किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन नाम में गड़बड़ी होने के कारण परेशान हो रहे हैं।
कृषि विभाग के आकड़ों के मुताबिक अब तक एक लाख 84 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि जिले में 4 लाख 74 हजार किसान पंजीकृत हैं।