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Maharajganj News: कर्ज में डूबी महिलाओं की फीकी हुई दिवाली, जमा करने की चिंता
Wed, 30 Oct 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:49 AM IST
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महराजगंज। समूह की महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन लेकर फंस गई हैं। उनको कर्ज की किस्त जमा करने की चिंता है। पास में फूटी कौड़ी भी नहीं है। कर्ज में ली गई रकम से बीमारी समेत जरूरी कार्यों को पूरा किया गया। कर्ज में डूबी महिलाओं की दीपावली फीकी हो गई है। रकम कहां से जमा होगी, उन्हें इसकी चिंता सता रही है।
विकास खंड परतावल के पकड़ी दीक्षित, धरमपुर, रुदलापुर आदि गांव की गरीब महिलाएं समूह से लोन लेकर इस समय परेशान हैं। कुछ महिलाएं पांच वर्ष से तो कुछ चार वर्ष एवं कुछ महिलाएं दो से तीन वर्ष से समूह में लोन लेकर उसकी किस्त लगातार भरती चली आ रही हैं, लेकिन बीते दो से तीन माह पहले से कुछ महिलाएं अधिक परेशान हो गई हैं। महिलाओं का कहना है कि समूह का लोन भरते-भरते हम लोग पूरी तरह से कंगाल हो गए हैं।
गिरवी रखकर हम लोगों ने समूह की किस्त चुकाई है। घर के कमाऊ व्यक्ति ही बीमार एवं परेशान हो गए हैं तो समूह का किस्त कैसे भरी जाए। पकड़ी दीक्षित निवासी शीला देवी बताती है कि पांच वर्ष से समूह का लोन भर रही हूं, लेकिन बीते छह माह पहले मेरे पति की दुर्घटना हो गई, जिसमें वह घायल हो गए। क्योंकि वहीं एक घर में कमाऊ व्यक्ति हैं, जिससे समूह का लोन भारती थीं। घर की आजीविका भी चलती थी, लेकिन पति के बिस्तर पर पड़ जाने से समूह का लोन भरने में असमर्थ हूं। दिवाली है, मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं बच्चों के लिए मिठाई और पटाखे कैसे खरीदूं। घर में दीपक जलेगा कि नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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धर्मपुर निवासिनी संजीरा देवी बताती है कि लगभग छह साल से मैं समूह का लोन भर रही हूं। मैं और मेरे पति हम दोनों लोग मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है एवं समूह का लोन भी भरती हूं, लेकिन बीते दो माह से घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। समूह का लोन भी नहीं भर पा रही हूं, मेरे परिवार में दिवाली कैसे मानेगी यह समझ में नहीं आ रहा है।
धर्मपुर की ही पुष्पा देवी ने बताया कि तीन वर्ष से समूह का लोन चुका रही हूं, लेकिन विगत तीन माह पहले से हम पति-पत्नी दोनों बीमार पड़ गए। मजदूरी करके घर की आजीविका चलती थी। समूह का लोन भी जमा हो जाता था। लेकिन बीमारी के कारण समूह का लोन नहीं भर पा रही हूं।
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विकास खंड परतावल के पकड़ी दीक्षित, धरमपुर, रुदलापुर आदि गांव की गरीब महिलाएं समूह से लोन लेकर इस समय परेशान हैं। कुछ महिलाएं पांच वर्ष से तो कुछ चार वर्ष एवं कुछ महिलाएं दो से तीन वर्ष से समूह में लोन लेकर उसकी किस्त लगातार भरती चली आ रही हैं, लेकिन बीते दो से तीन माह पहले से कुछ महिलाएं अधिक परेशान हो गई हैं। महिलाओं का कहना है कि समूह का लोन भरते-भरते हम लोग पूरी तरह से कंगाल हो गए हैं।
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गिरवी रखकर हम लोगों ने समूह की किस्त चुकाई है। घर के कमाऊ व्यक्ति ही बीमार एवं परेशान हो गए हैं तो समूह का किस्त कैसे भरी जाए। पकड़ी दीक्षित निवासी शीला देवी बताती है कि पांच वर्ष से समूह का लोन भर रही हूं, लेकिन बीते छह माह पहले मेरे पति की दुर्घटना हो गई, जिसमें वह घायल हो गए। क्योंकि वहीं एक घर में कमाऊ व्यक्ति हैं, जिससे समूह का लोन भारती थीं। घर की आजीविका भी चलती थी, लेकिन पति के बिस्तर पर पड़ जाने से समूह का लोन भरने में असमर्थ हूं। दिवाली है, मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं बच्चों के लिए मिठाई और पटाखे कैसे खरीदूं। घर में दीपक जलेगा कि नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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धर्मपुर निवासिनी संजीरा देवी बताती है कि लगभग छह साल से मैं समूह का लोन भर रही हूं। मैं और मेरे पति हम दोनों लोग मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है एवं समूह का लोन भी भरती हूं, लेकिन बीते दो माह से घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। समूह का लोन भी नहीं भर पा रही हूं, मेरे परिवार में दिवाली कैसे मानेगी यह समझ में नहीं आ रहा है।
धर्मपुर की ही पुष्पा देवी ने बताया कि तीन वर्ष से समूह का लोन चुका रही हूं, लेकिन विगत तीन माह पहले से हम पति-पत्नी दोनों बीमार पड़ गए। मजदूरी करके घर की आजीविका चलती थी। समूह का लोन भी जमा हो जाता था। लेकिन बीमारी के कारण समूह का लोन नहीं भर पा रही हूं।