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Maharajganj News: दोगुने मुनाफे का खेल... नेपाल से भारत आ रही सब्जी में नियम-कानून फेल

Mon, 03 Jul 2023 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 03 Jul 2023 12:54 AM IST
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Vegetable coming from Nepal to India
साइकिल व महिलाओं-बच्चों से कराते हैं सीमा पार सब्जी, भारत के मुकाबले नेपाल में टमाटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी और अदरक के दामो में काफी अंतर
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संवाद न्यूज एजेंसी

महराजगंज। भारतीय क्षेत्र में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। नेपाल में पत्ता व फूल गोभी, अदरक, टमाटर के दाम काफी कम हैं। नेपाल से इसे अधिक मात्रा में भारत लाकर दोगुनी कीमत वसूल की जा रही है। दोगुने मुनाफे के खेल में नियम-कानून सब फेल हो चुका है। जरूरत के लिए थोड़ी सब्जी लाने पर शुल्क नहीं है, लेकिन अधिक मात्रा में लाने पर कस्टम शुल्क जमा करना पड़ता है। इसका फायदा तस्कर उठा रहे हैं। तस्कर पगडंडियों के रास्ते दिनभर सब्जियों की ढुलाई कर मोटी कमाई कर रहे हैं। मुख्य रास्ते से थोड़ा-थोड़ा कई बार लाकर एक जगह पर सब्जियां एकत्र की जाती हैँ।
भारत-नेपाल की खुली सीमा हमेशा से तस्करों के मुफीद है। खुली सीमा से कभी डीजल-पेट्रोल, कभी खाद तो कभी स्क्रैप की तस्करी होती है। गेहूं व चीनी की भी बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है। इस समय इस सीमा पर सब्जियों के तस्करों की बहार है। साइकिल व महिलाओं-बच्चों के जरिये नेपाल से सब्जियों की तस्करी कराई जाती है। भारत के मुकाबले नेपाल में टमाटर, फूल-पत्ता गोभी और अदरक के दामों में काफी अंतर है। नेपाल में सस्ता होने के कारण भारत में इन सब्जियों की मांग है।
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बताया जाता है कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में दलहन, तिलहन, प्याज, चीनी, लहसुन सब्जी जैसी तमाम खाद्य वस्तुओं का उत्पादन नहीं होता है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के तराई में नेपाली किसान टमाटर, फूल-पत्ता गोभी और अदरक की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। इसके चलते रेट सस्ता रहता है। खुली सीमा होने के कारण तस्कर इसका फायदा उठा रहे हैं। भारत में बढ़ती कीमतों के कारण नेपाल से आने वाली इन सब्जियों की मांग बढ़ी है। दोगुना लाभ के लिए तस्कर महिलाओं व बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। साइकिल से 40-50 किलो के एक बोरी और कैरेट लाकर सीमावर्ती क्षेत्र में एकत्र किया जा रहा है। यहां से सीमावर्ती बाजार सहित महानगरों को भेज दिया जाता है। सोनौली के कोतवाल अभिषेक सिंह ने बताया कि सब्जियों की तस्करी की सूचना नहीं है, अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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भारत व नेपाल में मूल्य का अंतर इस प्रकार

टमाटर भारत में 160, नेपाल में 55 रुपये प्रति किलो भारतीय मुद्रा

फूल गोभी भारत में 80, नेपाल में 70 रुपये प्रतिकिलो भारतीय मुद्रा
पत्ता गोभी भारत में 50 तो नेपाल में 30 रुपये प्रति किलो
अदरक भारत में 250 प्रति किलो तो नेपाल में 120 रुपये भारतीय मुद्रा
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नेपाल में कहां कहां से आ रही हैं सब्जियां
सीमावर्ती क्षेत्र रूपनदेही, कपिलवस्तु, नवलपरासी, दांग जिले से भारत में सब्जियां आ रही हैं। नेपाल से इस समय टमाटर, फूल-पत्ता गोभी और अदरक भारत में आ रही है। पगडंडियों के रास्ते प्रतिदिन 40 से पचास कैरेट टमाटर, इतना ही फूल-पत्ता गोभी और अदरक नेपाल से लाया जा रहा है। इसे सीमावर्ती बाजार सोनौली, नौतनवां, कोल्हुई, ठूठीबारी, निचलौल, महराजगंज, आनंदनगर, पीपीगंज, गोरखपुर, संतकबीरनगर तक पहुंचाया जा रहा है।
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नेपाल में उगने वाली सब्जी हमेशा रहती है सस्ती
नेपाल में उगने वाली सब्जी हमेशा सस्ती रहती है। भारत से सब्जियों के निर्यात के कारण नेपाल में उत्पादित सब्जियों की डिमांड कम रहती है। सब्जी व्यापारी रमेश बनिया निवासी भैरहवां ने बताया कि ज्यादातर सब्जी भारत से आती है। इस समय भारत में सब्जियों में टमाटर महंगा है। इसलिए टमाटर की काफी डिमांड है। फूल-पत्ता गोभी और अदरक साल के 12 महीने नेपाल में होते हैं। इसलिए हर सीजन में इसकी डिमांड भारत में रहती है।

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दूसरे प्रदेश से भी सब्जी नहीं आ रही
नौतनवां निवासी सब्जी व्यापारी किशन कुमार ने बताया कि भारतीय किसान के पास फसल नहीं है। भारी बारिश व गर्मी के कारण सब्जियां खराब हो गई हैंं। दूसरे प्रदेश से भी सब्जी नहीं आ रही है। इसलिए सब्जी काफी महंगी हो गई है। नेपाल में टमाटर सस्ता होने के कारण थोड़ा बहुत वहां से मंगवा कर ग्राहकों को राहत दिया जा रहा है। फूल-पत्ता गोभी और अदरक पहले से आ रहा है। लोकल मंडी होने के कारण नौतनवां बाजार तक नेपाल की सब्जियां आती हैं।

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कोट
नेपाल से खाने -पीने की वस्तुओं को लाने पर रोक नहीं है। अगर व्यापार के लिए लेकर आ रहे हैं तो उसका कस्टम शुल्क देना अनिवार्य है। बहुत सारे नियम हैं। प्लांट कवारंटीन विभाग के प्रमाणपत्र देने के बाद ही फल और सब्जियों को पास किया जाता है।
-एसके पटेल, कस्टम अधीक्षक, सोनौली
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