फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Use Vermi Compost Farmer: DM

वर्मी कंपोस्ट प्रयोग करें किसान: डीएम

Mon, 01 May 2017 11:59 PM IST
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 01 May 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
Use Vermi Compost Farmer: DM
बैठक हुई - फोटो : अमर उजाला
वर्मी कंपोस्ट प्रयोग से खाद्यान की गुणवत्ता बढ़ जाती है और उत्पादन लागत कम हो जाती है। सोमवार को बुद्धा सभागार डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने वर्मी कंपोस्ट की कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि जिला कृषि प्रधान है। रासायनिक खाद, दवा का अधिक प्रयोग करने से खाद्यान, सब्जी, फल भी गुणवत्ता खराब होती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य भी खराब होते है। उन्होंने कहा कि जिले में वर्मी कंपोस्ट के कई इकाई चल रही है। इस खाद में केचुआ से निर्मित खाद की उपयोगिता अधिक है। जिले में ही नहीं बल्कि बाराबंकी, बुलंद शहर और प्रदेश के अन्य जिलों में इस खाद की मांग बढ़ रही है। डीएम ने कहा कि केचुआ निर्मित वर्मी कंपोस्ट को बनाने के लिए कम स्थान लगाता है। और लागत भी कम आती है। इतना ही नहीं एक बार इसका प्रयोग करने पर तीन वर्ष खाद डालने की आवश्यकता नहीं होती है। इस खाद के प्रयोग करने पर खेत में घास फूस भी कम होता है। और फसल पर रोग भी कम लगते है। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के लिए स्वरोजगार की अपार संभावनाएं है। दिन प्रतिदिन बढ़ती मांग से इसकी बिक्री बढ़ रही है। और महिलाएं इस वर्मी कंपोस्ट को तैयार कर अधिक धन कमा सकती है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजनाओं में वर्मी कंपोस्ट को शामिल करें व तकनीकी, आर्थिक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कार्यशाला में आए किसानों को केचुआ उत्पादित वर्मी कंपोस्ट यूनिट का भ्रमण करें। केचुआ पालक कर्ता कृषक नागेंद्र पांडेय ने कहा कि केचुआ किसानों मित्र के अलावा फसल मित्र, पर्यावरण मित्र, भूमि मित्र, है। इसे अपनाने की आवश्यकता है। कार्यशाला में इफकों क्षेत्रीय प्रबंधक एनके सिरोही सलाहकार डा ताहिर अली, उद्यान अधिकारी भारत भूषण सिंह, वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह, कृषि अधिकारी मोहम्द मोज्मिल, डॉ. कमल सिंह, डॉ. एके यादव, प्रगतिशील किसान विजय कुमार, कृष्ण मुरारी तिवारी, श्याम वदन उपाध्ययाय, अरुन, पलकधारी ने भी संबोधित किया और अपने अनुभव को बताया। इस कार्यशाला में भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया जो वर्मी कंपोस्ट तैयार करती है। इन महिलाओं ने भी अपना अनुभव बताया और कि जिन पेड़ो में फल नहीं आते थे। उस पेड़ में वर्मी कंपोस्ट के प्रयोग से फल आने लगे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed