{"_id":"678d50eeb26b5b3fab034840","slug":"unlicensed-shops-on-the-border-giving-cheap-doses-of-drugs-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-140920-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नशे की सस्ती डोज दे रहीं बाॅर्डर की गैर लाइसेंसी दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नशे की सस्ती डोज दे रहीं बाॅर्डर की गैर लाइसेंसी दुकानें
Mon, 20 Jan 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। बॉर्डर इलाके में नशे की सस्ती डोज गैर लाइसेंसी दुकानें पूरी कर रही हैं। इसमें पकड़ में आने का खतरा भी नहीं है। नेपाल के युवा आसानी से सरहद पर आते हैं और नशे की खुराक लेकर चले जाते हैं।
यह धंधा बॉर्डर इलाके में करोड़ों में चल रहा है। बीते दिनों गैर लाइसेंस की दुकान से दवाएं बरामद हुई थीं। छह दिन पहले नशे की दवा लेकर जाते हुए दो युवक पकड़े गए थे।
जनपद के सीमावर्ती कस्बों में नशे की दवाओं का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। इसमें गैर लाइसेंसी दुकानों से करोड़ों की दवाओं का वारा-न्यारा हो रहा है। सूत्रों की माने तो गोरखपुर की मंडी से दवा लाने के साथ ही उत्तराखंड से सीधे दवाएं मंगाई जाती हैं। कुछ लाइसेंसी दुकान भी इस धंधे में लिप्त बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
हैरानी की बात तो यह है कि सीमावर्ती क्षेत्र में गुमटी में मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है। कार्रवाई होने के कुछ दिन खामोश रहने के बाद धंधेबाज अपना तरीका बदल लेते हैं। करोड़ों के धंधे का सिंडिकेट नहीं टूट पा रहा है। सूत्रों की माने तो धंधेबाज मौका देखकर नेपाल के अंदर नशे की दवाओं की आपूर्ति करते हैं।
सबसे अधिक इंजेक्शन की खपत : सूत्र बताते हैं कि नेपाल में सबसे अधिक नशे की इंजेक्शन की खपत होती है। नशे की दवाओं का नेटवर्क नेपाल में भी काफी मजबूत है। धंधेबाज प्रतिबंधित दवाओं को बड़े शहरों से खरीदकर सीमा क्षेत्र में लाकर कैरियर के माध्यम से नेपाल में पहुंचा देते हैं।
विज्ञापन
यह धंधा बॉर्डर इलाके में करोड़ों में चल रहा है। बीते दिनों गैर लाइसेंस की दुकान से दवाएं बरामद हुई थीं। छह दिन पहले नशे की दवा लेकर जाते हुए दो युवक पकड़े गए थे।
विज्ञापन
जनपद के सीमावर्ती कस्बों में नशे की दवाओं का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। इसमें गैर लाइसेंसी दुकानों से करोड़ों की दवाओं का वारा-न्यारा हो रहा है। सूत्रों की माने तो गोरखपुर की मंडी से दवा लाने के साथ ही उत्तराखंड से सीधे दवाएं मंगाई जाती हैं। कुछ लाइसेंसी दुकान भी इस धंधे में लिप्त बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
हैरानी की बात तो यह है कि सीमावर्ती क्षेत्र में गुमटी में मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है। कार्रवाई होने के कुछ दिन खामोश रहने के बाद धंधेबाज अपना तरीका बदल लेते हैं। करोड़ों के धंधे का सिंडिकेट नहीं टूट पा रहा है। सूत्रों की माने तो धंधेबाज मौका देखकर नेपाल के अंदर नशे की दवाओं की आपूर्ति करते हैं।
सबसे अधिक इंजेक्शन की खपत : सूत्र बताते हैं कि नेपाल में सबसे अधिक नशे की इंजेक्शन की खपत होती है। नशे की दवाओं का नेटवर्क नेपाल में भी काफी मजबूत है। धंधेबाज प्रतिबंधित दवाओं को बड़े शहरों से खरीदकर सीमा क्षेत्र में लाकर कैरियर के माध्यम से नेपाल में पहुंचा देते हैं।