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Maharajganj News: एसएसबी कैंप में सामान मंगाने का झांसा देकर व्यापारियों से ठगी

Sun, 03 Sep 2023 12:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:41 AM IST
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Traders cheated on the pretext of ordering goods in SSB camp
जालसाजों ने झांसा देकर तीन व्यापारियों के खाते से उड़ाए 91,000 रुपये
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ऑनलाइन आर्डर के खेल में अब व्यापारियों को फंसा रहे हैं जालसाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ऑनलाइन आर्डर के खेल में जालसाज अब व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) कैंप में सामान मंगाने का झांसा देकर जालसाजों ने तीन व्यापारियों के खाते 91,000 रुपये उड़ा दिए। जब तक व्यापारी कुछ समझ पाते तब तक उनके खाते से रकम निकल चुकी थी। जब व्यापारी सामान लेने कैंप पहुंचे तब उन्हें पता चला की ऐसा कोई आर्डर नहीं है। इसके बाद व्यापारियों को अपने साथ हुई ठगी की जानकारी हुई।
इंटरनेट और तकनीक के इस दौर में इंसान को जितनी सहूलियत मिली हैं, उतने ही जोखिम भी बढ़े हैं। आजकल शॉपिंग से लेकर रुपये-पैसे का हर काम आसानी से ऑनलाइन हो जाता है। पहले की तरह बैंक और बाजार के चक्कर नहीं काटने पड़ते। मगर, एक तरफ सुविधा बढ़ी है तो दूसरी तरफ धोखेबाजी भी हो रही हैं। आए दिन लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं। नौतनवा कस्बे के तीन व्यापारी आनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। तीनों व्यापारियों से ऑनलाइन आर्डर लिया गया था। पहले को लकड़ी देने के नाम पर चुना गया तो दूसरे व तीसरे से हार्डवेयर का सामान देने के नाम पर रकम ठगी की गई। नौतनवा क्षेत्र में व्यापारियों के पास इस तरह के ठगों के फोन अक्सर आ रहे हैं। घटना के होने के बाद से व्यापारी सचेत हो गए हैं।
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केस नंबर एक- नौतनवां उस्मान नगर निवासी सुनील कुमार अग्रवाल आरा मिल संचालक हैं। जिनके पास 26 अगस्त को एसएसबी हरदी डाली का जवान बताकर कैप्टन सुनील के नाम से फोन आया। कहा गया कि मैं हरदी डाली एसएसबी कैंप से बोल रहा हूं। आप 10 क्विंटल लकड़ी गाड़ी पर लोड करके भिजवा दो और पैसा मैं आपके खाते में भेज दे रहा हूं। कुछ मिनट बाद मैसेज किया कि भूलवश आपके खाते में 20,000 रुपये चले गए हैं। नौकरी का सवाल है। दो हजार लकड़ी के पैसे काटकर 18 हजार रुपये वापस कर दीजिए। सुनील ने पैसे वापस कर दिए। इसके बाद जब लकड़ी लेकर हरदी डाली कैंप गए तो पता चला कि वहां से लकड़ी के लिए कोई आर्डर नहीं है। इस प्रकार अट्ठारह हजार की आनलाइन ठगी हो गई।
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केस नंबर दो-- बीते 29 अगस्त को नौतनवा कस्बे के सिद्धार्थनगर वार्ड में स्थित महावीर ट्रेडर्स के संचालक मनोज कुमार जायसवाल के पास भी प्रदीप कांबले एसएसबी जवान बताकर फोन आया। सूची बनाकर सामानों की मांग की गई और कहा गया कि एसएसबी कैंप सुंडी सामान गाड़ी पर लदवाकर भिजवा दीजिए। उनसे कहा गया कि बिल की रकम पाने के लिए इसका आधा पैसा भेजना होगा। फिर ऑटोमेटिक उनके खाते में रकम ट्रांसफर हो जाएगी। इसके बाद मनोज ने तीन किस्तों में कुल 63,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। देर शाम सामान लादकर पिकअप से कैंप पहुंचे तो पता चला की कोई आर्डर नहीं है।
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केस नंबर तीन-- 31 अगस्त को महेंद्र नगर वार्ड में स्थित ठूठीबारी चौराहे के पास विनायक हार्डवेयर के संचालक राज जायसवाल के पास भी इसी तरह से एक फोन आया। हार्डवेयर के सामानों की सूची भेज कर बिल पूछा गया। 18, 560 रुपये का बिल बताया गया। इसके बाद फ्रॉड कलर के द्वारा आया कि पहले आप एक रुपये ट्रांसफर करेंगे फिर आपको उसी खाते में रकम भेजेंगे। इस तरह का झांसा देकर पेमेंट ट्रांसफर 10,000 रुपये का भुगतान करा लिया। कहा कि आपके खाते में 20,000 रुपये भेजेंगे, लेकिन न पैसा वापस आया, न फोन।
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कब और कैसे कर सकते हैं शिकायत

जब भी आपके साथ ऑनलाइन ठगी जैसी कोई भी घटना होती है, तब आप जितना जल्दी रिपोर्ट करेंगे, साइबर टीम उतनी जल्दी एक्शन लेगी। ऑनलाइन ठगी के शुरुआती 2-3 घंटे काफी अहम होते हैं। आप जितनी जल्दी शिकायत दर्ज करते हैं, उतना ज्यादा पैसे वापस आने की संभावना बढ़ जाती है।
-------------------------- धोखाधड़ी से बचने के लिए यह उपाय करें--
- फोन या मोबाइल कॉल पर किसी को भी अपनी बैंक खाता, एटीएम एवं क्रेडिट कार्ड से संबंधित कोई भी जानकारी साझा न करें भले ही बैंक वाले आपसे मांग रहे हों।

- ऑनलाइन यूपीआई के माध्यम से पेमेंट प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की ओटीपी अथवा यूपीआई पिन इंटर न करें।

- ऑनलाइन खरीददारी करते समय सतर्क रहें एवं सायबर ठगों से बचें।

- ऑनलाइन खरीददारी के लिए ऐसे बैंक खाता का इस्तेमाल करें, जिसमें कम बैलेंस हो।

- किसी भी अज्ञात वेबसाइट से कोई एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
- ऑनलाइन अथवा फोन पर दिए गए लॉटरी अथवा फ्री ऑफर के लालच में न पड़ें।

- किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
- व्हाट्सएप पर अज्ञात मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल रिसीव करते समय अपना चेहरा ना दिखाएं। पहले सामने वाले की पहचान करें कि वह आपका परिचित है अथवा नहीं।

- अपने पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें एवं अल्फान्यूमेरिक+स्पेशल कैरेक्टर का पासवर्ड रखें।

- बिजली कनेक्शन की कटौती संबंधी मैसेज की पुष्टि पहले बिजली ऑफिस जाकर करें।

- छोटे-छोटे इन्वेस्टमेंट वाली वेबसाइट पर इन्वेस्टमेंट करने से बचें।
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किसी अनजान कॉल पर ज्यादा बात न करें। रकम की लेन-देन की बात पूरी सत्यता जानने के बाद ही करें। अगर कोई फोन पर कोई सामान मंगाने की बात कर रहा है तो उसके बारे में पूरी जानकारी करने के बाद ही कुछ करें। साइबर अपराध से लोगों को बचने के लिए समय-समय पर विभाग की ओर से जागरूक किया जाता है। बताए गए सुझावों पर अमल करने की जरूरत है।
आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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