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Maharajganj News: वार्षिक या अर्धवार्षिक नहीं परिषदीय स्कूल के बच्चों का अब होगा सतत मूल्यांकन
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बीईओ के मार्फत बेसिक को पहुंचेगी रिपोर्ट
जुलाई से प्रभावी होगी जनपद में अनिवार्यता
महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन सिर्फ वार्षिक या अर्ध वार्षिक ही नहीं होगा। बल्कि यह सतत चलता रहेगा। प्रत्येक माह की रिपोर्ट स्कूल शिक्षक बीईओ के माध्यम से बेसिक तक पहुंचाएंगे जिसे राज्य परियोजना कार्यालय भेजा जाएगा। यह नीति जुलाई के दूसरे चरण से स्कूल चलो अभियान के बाद प्रभावी होगी। इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश पत्र जारी कर दिया गया है।
जनपद के 1500 से अधिक परिषदीय स्कूलों में लगभग दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन सभी स्कूलों में सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) व्यवस्था को प्रभावी किया गया है। इसमें विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी समझ, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान और विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता का भी मूल्यांकन होगा।
बेसिक शिक्षा के डीसी सामाजिक सहभागिता दिव्य पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों पर परीक्षा का दबाव कम करना और सीखने की क्षमता का आकलन करना है। परिषद के निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखनी होगी।
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केवल लिखित परीक्षा के अंक ही नहीं, बल्कि दैनिक कक्षा गतिविधियों, मौखिक प्रस्तुति और व्यावहारिक कार्यों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाना होगा। सतत एवं समग्र मूल्यांकन के तहत विद्यार्थियों से मौखिक प्रश्नोत्तरी कराई जाएगी। इसके अलावा कार्यपत्रक, परियोजना कार्य, समूह गतिविधियां, कक्षा में सहभागिता, रचनात्मक कार्य और सीखने की क्षमता पर भी फोकस होगा।
वर्जन
सभी परिषदीय विद्यालयों को सतत एवं समग्र मूल्यांकन के लिए निर्देशित किया गया है। इससे बच्चे का पढ़ने, लिखने के साथ-साथ बौद्धिक क्षमताओं के बारे में पता चल सकेगा।
-रिद्धि पांडेय, बीएसए महराजगंज
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जुलाई से प्रभावी होगी जनपद में अनिवार्यता
महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन सिर्फ वार्षिक या अर्ध वार्षिक ही नहीं होगा। बल्कि यह सतत चलता रहेगा। प्रत्येक माह की रिपोर्ट स्कूल शिक्षक बीईओ के माध्यम से बेसिक तक पहुंचाएंगे जिसे राज्य परियोजना कार्यालय भेजा जाएगा। यह नीति जुलाई के दूसरे चरण से स्कूल चलो अभियान के बाद प्रभावी होगी। इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश पत्र जारी कर दिया गया है।
जनपद के 1500 से अधिक परिषदीय स्कूलों में लगभग दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन सभी स्कूलों में सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) व्यवस्था को प्रभावी किया गया है। इसमें विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी समझ, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान और विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता का भी मूल्यांकन होगा।
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बेसिक शिक्षा के डीसी सामाजिक सहभागिता दिव्य पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों पर परीक्षा का दबाव कम करना और सीखने की क्षमता का आकलन करना है। परिषद के निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखनी होगी।
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केवल लिखित परीक्षा के अंक ही नहीं, बल्कि दैनिक कक्षा गतिविधियों, मौखिक प्रस्तुति और व्यावहारिक कार्यों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाना होगा। सतत एवं समग्र मूल्यांकन के तहत विद्यार्थियों से मौखिक प्रश्नोत्तरी कराई जाएगी। इसके अलावा कार्यपत्रक, परियोजना कार्य, समूह गतिविधियां, कक्षा में सहभागिता, रचनात्मक कार्य और सीखने की क्षमता पर भी फोकस होगा।
वर्जन
सभी परिषदीय विद्यालयों को सतत एवं समग्र मूल्यांकन के लिए निर्देशित किया गया है। इससे बच्चे का पढ़ने, लिखने के साथ-साथ बौद्धिक क्षमताओं के बारे में पता चल सकेगा।
-रिद्धि पांडेय, बीएसए महराजगंज