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Maharajganj News: चहारदीवारी निर्माण में गोलमाल, प्रधानाध्यापक भेजे गए दूसरे स्कूल
Tue, 16 Jan 2024 06:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 16 Jan 2024 06:01 PM IST
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सिसवा बाजार। कस्बे के वार्ड 12 देवीनगर प्राथमिक विद्यालय पकडियहवां में चहारदीवारी निर्माण में गोलमाल हुआ है। स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए प्रधानाध्यापक को जिले के दूसरे विद्यालय में भेज दिया गया है।
देवीनगर पकडियहवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में 120 मीटर लंबी और छह फीट ऊंची चहारदीवारी निर्माण के लिए चार लाख 42 हजार रुपये विभाग ने भेजा था, लेकिन विभागीय मिली भगत से पुरानी चहारदीवारी के ऊपर तीन चार रद्दा ईंट जोड़कर धन का बंदरबांट कर लिया गया है। इस निर्माण को लेकर गांव के ही लोगों ने विरोध जताया है। मोहल्ले के बलवंत ने बताया कि चहारदीवारी बहुत पुरानी है। उसके ऊपर नए ईंट से चार रद्दा जोड़ा गया है। दक्षिण दिशा की दीवार में पुराने ईंट की ही जोड़ाई की गई है। आकाश का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
अनेश चौहान का कहना है कि पुरानी दीवार अभी मजबूत है। दक्षिण दिशा की लगभग 20 मीटर दीवार थोड़ी कमजोर थी, जिसे तोड़कर उसी पुराने ईंट से निर्माण कराया गया है। सुदर्शन का कहना है कि विद्यालय में गठित प्रबंध समिति के बैठक में गांव के लोगों को नहीं बुलाया जाता है, जिससे किसी को कुछ पता नहीं चल पाता है।
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खंड शिक्षा अधिकारी विनयशील मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच डीसी निर्माण की ओर से की जाएगी। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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देवीनगर पकडियहवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में 120 मीटर लंबी और छह फीट ऊंची चहारदीवारी निर्माण के लिए चार लाख 42 हजार रुपये विभाग ने भेजा था, लेकिन विभागीय मिली भगत से पुरानी चहारदीवारी के ऊपर तीन चार रद्दा ईंट जोड़कर धन का बंदरबांट कर लिया गया है। इस निर्माण को लेकर गांव के ही लोगों ने विरोध जताया है। मोहल्ले के बलवंत ने बताया कि चहारदीवारी बहुत पुरानी है। उसके ऊपर नए ईंट से चार रद्दा जोड़ा गया है। दक्षिण दिशा की दीवार में पुराने ईंट की ही जोड़ाई की गई है। आकाश का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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अनेश चौहान का कहना है कि पुरानी दीवार अभी मजबूत है। दक्षिण दिशा की लगभग 20 मीटर दीवार थोड़ी कमजोर थी, जिसे तोड़कर उसी पुराने ईंट से निर्माण कराया गया है। सुदर्शन का कहना है कि विद्यालय में गठित प्रबंध समिति के बैठक में गांव के लोगों को नहीं बुलाया जाता है, जिससे किसी को कुछ पता नहीं चल पाता है।
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खंड शिक्षा अधिकारी विनयशील मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच डीसी निर्माण की ओर से की जाएगी। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।