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Maharajganj News: मौसम का सितम...26 बेड के वार्ड में 45 बच्चे भर्ती
Thu, 10 Apr 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 10 Apr 2025 12:35 AM IST
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महराजगंज। बदलते मौसम का असर बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिला अस्पताल में 18 डायरिया और 12 वायरल बुखार से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर बच्चे गंभीर हालत में पहुंचे। समय से इलाज होता तो उनको भर्ती करने की नौबत नहीं पड़ती। 26 बेड के संक्रामक रोग वार्ड में 45 बच्चे भर्ती हैं।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। शिवपुर नंदना गांव के महेंद्र अपने बेटे को साथ लेकर पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े रहे। उन्होंने बताया कि बच्चे को चार दिन से बुखार आ रहा था। ठीक नहीं हुआ तो अस्पताल लेकर आया।
यहां भीड़ की वजह से पर्ची बनवाने में दिक्कत हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन के कक्ष के सामने लंबी कतार लगी थी। वहीं ऊपरी तल पर पैथोलॉजी में जांच के लिए लोग इंतजार कर रहे थे। संक्रामक रोग वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक दिखी। वार्ड के बाहर दिनेश मिले। उन्होंने बताया कि रिश्तेदार का बेटा भर्ती है। उसे डायरिया हुआ है। उसी का हाल जानने आया हूं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की सेहत की निगरानी जरूरी है। थोड़ी भी दिक्कत हो तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। दूषित भोजन या पानी, दूध के सेवन से डायरिया होता है। साल्मोनेला, ई कोलाई, कैंपिलोबेक्टर जीवाणु, बैसिलस सेरेस, स्टैफिलोकोककस ऑरियस बैक्टीरिया जब किसी पदार्थ के सेवन से शरीर में प्रवेश कर जाएं तो संक्रमण पैदा करते हैं। इससे उल्टी-दस्त होता है। लैक्टोज, फ्रक्टोज, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम अनियमित हो जाते हैं।
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बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। शिवपुर नंदना गांव के महेंद्र अपने बेटे को साथ लेकर पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े रहे। उन्होंने बताया कि बच्चे को चार दिन से बुखार आ रहा था। ठीक नहीं हुआ तो अस्पताल लेकर आया।
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यहां भीड़ की वजह से पर्ची बनवाने में दिक्कत हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन के कक्ष के सामने लंबी कतार लगी थी। वहीं ऊपरी तल पर पैथोलॉजी में जांच के लिए लोग इंतजार कर रहे थे। संक्रामक रोग वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक दिखी। वार्ड के बाहर दिनेश मिले। उन्होंने बताया कि रिश्तेदार का बेटा भर्ती है। उसे डायरिया हुआ है। उसी का हाल जानने आया हूं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की सेहत की निगरानी जरूरी है। थोड़ी भी दिक्कत हो तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। दूषित भोजन या पानी, दूध के सेवन से डायरिया होता है। साल्मोनेला, ई कोलाई, कैंपिलोबेक्टर जीवाणु, बैसिलस सेरेस, स्टैफिलोकोककस ऑरियस बैक्टीरिया जब किसी पदार्थ के सेवन से शरीर में प्रवेश कर जाएं तो संक्रमण पैदा करते हैं। इससे उल्टी-दस्त होता है। लैक्टोज, फ्रक्टोज, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम अनियमित हो जाते हैं।