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Maharajganj News: वायरल का बढ़ा प्रकोप, मरीजों की लंबी हुई कतार
Sat, 02 Aug 2025 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:14 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते डॉक्टर पवन कुमार।
महराजगंज। मानसून सीजन में वायरल बुखार का प्रकोप एकबार फिर तेज हो गया है। इसकी शुरुआत सिर भारी होने से हो रही है फिर तेज सिर दर्द 24 घंटे के बाद वायरल बुखार में परिवर्तित हो जा रहा है।
किशोर, युवा, महिला और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को 38 पीड़ित ओपीडी पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा और परामर्श दिया। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 798 रोगियों का उपचार हुआ। इसमें संक्रमण के रोगी अधिक रहे। किसी को संक्रमण से डायरिया तो किसी को फंगल की समस्या थी। डॉ. वैभव श्रीवास्तव के पास जांच रिपोर्ट के साथ पहुंचे अधिकतर बुखार पीड़ितों को पहले सिर भारी महसूस हुआ फिरि तेज सिरदर्द हुआ। समस्या के शुरू होने के दूसरे ही दिन हल्की ठंड के बाद तेज बुखार शुरू हो गया। डाॅ. वैभव ने बताया कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी और उमस के बाद बूंदाबांदी से दोहरा तापमान सीमित अंतराल में महसूस किया गया। आधुनिक जीवनशैली के कारण लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो रही है।
उन्होंने बताया कि सिर भारी लगने के दौरान ही अगर जांच कराकर डॉ. से परामर्श लें तो वायरल से बचा जा सकता है लेकिन इस पर ध्यान नहीं देने के कारण लोग आठ से 10 दिन तक बुखार से जूझ रहे हैं। वायरल बुखार का एक पूरा चक्र होता है जो पूर्ण होने के बाद ही समाप्त होता है। दवा उपयोग तक यह ठीक रहता लेकिन दवा का असर समाप्त होते ही बुखार फिर आता है। इससे निपटने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योग की मदद ली जा सकती है।
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किशोर, युवा, महिला और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को 38 पीड़ित ओपीडी पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा और परामर्श दिया। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 798 रोगियों का उपचार हुआ। इसमें संक्रमण के रोगी अधिक रहे। किसी को संक्रमण से डायरिया तो किसी को फंगल की समस्या थी। डॉ. वैभव श्रीवास्तव के पास जांच रिपोर्ट के साथ पहुंचे अधिकतर बुखार पीड़ितों को पहले सिर भारी महसूस हुआ फिरि तेज सिरदर्द हुआ। समस्या के शुरू होने के दूसरे ही दिन हल्की ठंड के बाद तेज बुखार शुरू हो गया। डाॅ. वैभव ने बताया कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी और उमस के बाद बूंदाबांदी से दोहरा तापमान सीमित अंतराल में महसूस किया गया। आधुनिक जीवनशैली के कारण लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो रही है।
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उन्होंने बताया कि सिर भारी लगने के दौरान ही अगर जांच कराकर डॉ. से परामर्श लें तो वायरल से बचा जा सकता है लेकिन इस पर ध्यान नहीं देने के कारण लोग आठ से 10 दिन तक बुखार से जूझ रहे हैं। वायरल बुखार का एक पूरा चक्र होता है जो पूर्ण होने के बाद ही समाप्त होता है। दवा उपयोग तक यह ठीक रहता लेकिन दवा का असर समाप्त होते ही बुखार फिर आता है। इससे निपटने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योग की मदद ली जा सकती है।
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