{"_id":"682e264725115d7823089699","slug":"the-responsible-persons-forgot-to-construct-the-overhead-tank-after-making-the-foundation-maharajganj-news-c-206-1-mhg1007-149700-2025-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: फाउंडेशन बना ओवरहेड टैंक निर्माण भूले जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: फाउंडेशन बना ओवरहेड टैंक निर्माण भूले जिम्मेदार
Thu, 22 May 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 22 May 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
घुघली। शहीदों के गांव पकड़ियार-विशुनपुर गांव में फाउंडेशन बनाकर कार्यदायी संस्था ओवरहेड टैंक बनाना भूल गई। लोग गर्मी के मौसम में शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
पकड़ियार-विशुनपुर गांव में वर्ष 2023 में 4.39 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण शुरू होने पर लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों को लगा कि पानी की परेशानी जल्द दूर हो जाएगी, लेकिन दो साल बाद भी लोगों का यह सपना पूरा नहीं हो सका। ग्रामीण आज भी शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं।
हर घर नल से जल योजना के तहत गांव में निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन फाउंडेशन बनाकर ही छोड़ दिया गया है। गांव के सीताराम यादव और हनुमान गुप्ता का कहना है कि कार्यदायी संस्था यदि निर्माण शुरू कर दे, तब भी ओवरहेड टैंक पूरा होने में दो साल लग जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता की वजह से ही सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना विफल हो रही है।
विज्ञापन
पकड़ियार-विशुनपुर गांव में वर्ष 2023 में 4.39 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण शुरू होने पर लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों को लगा कि पानी की परेशानी जल्द दूर हो जाएगी, लेकिन दो साल बाद भी लोगों का यह सपना पूरा नहीं हो सका। ग्रामीण आज भी शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं।
विज्ञापन
हर घर नल से जल योजना के तहत गांव में निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन फाउंडेशन बनाकर ही छोड़ दिया गया है। गांव के सीताराम यादव और हनुमान गुप्ता का कहना है कि कार्यदायी संस्था यदि निर्माण शुरू कर दे, तब भी ओवरहेड टैंक पूरा होने में दो साल लग जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता की वजह से ही सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना विफल हो रही है।