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‘सकारात्मक सोच से ही देश का विकास’
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:16 AM IST
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महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय चौक बाजार में मंगलवार को समावर्तन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने कहा कि सकारात्मक सोच से ही देश का विकास होगा।
मुख्य अतिथि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रजनी कांत पांडेय ने कहा कि राजनीतिक स्वतंत्रता वास्तव में तभी मजबूत होगी। जब सामाजिक समरसता होगी। महंत अवेद्यनाथ सामाजिक समरसता के लिए जाने जाते हैं। कहा कि युवा भविष्य की नींव है। अगर युवा सकारात्मक सोच रखता है तो देश का विकास सुनिश्चित है। भारत विश्व में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर कर आएगा।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों का वातावरण दूषित होता जा रहा है। ऐसे में हमें राष्ट्र की एकता व अखंडता को कायम रखना होगा। महंत आदित्य नाथ ने कहा कि युवा पीढ़ी आत्मकेन्द्रित हो रही है। जो सामाजिक समरसता व अखंडता के लिए घातक सिद्ध होगी। युवा पीढ़ी को आत्म केन्द्रित न होकर समाज केन्द्रित होना चाहिए। जिससे पूरे समाज का विकास हो।
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महंत आदित्यनाथ ने प्रोफेसर रजनीकांत पांडेय को अंगवस्त्र व भगवान गोरक्षनाथ की स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। पत्रिका ‘नव विहान’ तथा प्राचार्य परशुराम गुप्त के काव्य संग्रह ‘आदमी की तलाश’ का विमोचन किया गया। सर्वाधिक अंकों से उत्तीर्ण हुई कुमारी तेजस्वनी विश्वकर्मा को महंत अवेद्यनाथ शील्ड से सम्मानित किया गया।
संचालन डॉ. मनीषा त्रिपाठी ने किया। डॉ. सरोज रंजन, डॉ. रामदरश, डॉ. रामपाल यादव, डॉ. एसके वर्मा, जिला संघ चालक रमाशंकर, प्रभाकर पटेल, शैलेन्द्र भारती, सुनील यादव, दिलीप, अमित आदि रहे।
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मुख्य अतिथि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रजनी कांत पांडेय ने कहा कि राजनीतिक स्वतंत्रता वास्तव में तभी मजबूत होगी। जब सामाजिक समरसता होगी। महंत अवेद्यनाथ सामाजिक समरसता के लिए जाने जाते हैं। कहा कि युवा भविष्य की नींव है। अगर युवा सकारात्मक सोच रखता है तो देश का विकास सुनिश्चित है। भारत विश्व में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर कर आएगा।
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विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों का वातावरण दूषित होता जा रहा है। ऐसे में हमें राष्ट्र की एकता व अखंडता को कायम रखना होगा। महंत आदित्य नाथ ने कहा कि युवा पीढ़ी आत्मकेन्द्रित हो रही है। जो सामाजिक समरसता व अखंडता के लिए घातक सिद्ध होगी। युवा पीढ़ी को आत्म केन्द्रित न होकर समाज केन्द्रित होना चाहिए। जिससे पूरे समाज का विकास हो।
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महंत आदित्यनाथ ने प्रोफेसर रजनीकांत पांडेय को अंगवस्त्र व भगवान गोरक्षनाथ की स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। पत्रिका ‘नव विहान’ तथा प्राचार्य परशुराम गुप्त के काव्य संग्रह ‘आदमी की तलाश’ का विमोचन किया गया। सर्वाधिक अंकों से उत्तीर्ण हुई कुमारी तेजस्वनी विश्वकर्मा को महंत अवेद्यनाथ शील्ड से सम्मानित किया गया।
संचालन डॉ. मनीषा त्रिपाठी ने किया। डॉ. सरोज रंजन, डॉ. रामदरश, डॉ. रामपाल यादव, डॉ. एसके वर्मा, जिला संघ चालक रमाशंकर, प्रभाकर पटेल, शैलेन्द्र भारती, सुनील यादव, दिलीप, अमित आदि रहे।