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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   The money was provided by mortgaging the farmland and mother's jewelry... but the fraudsters pocketed it all.

Maharajganj News: खेत और मां के गहने गिरवी रखकर दिए थे रुपये...सब हजम कर गए ठग

Mon, 15 Jun 2026 01:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:33 AM IST
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The money was provided by mortgaging the farmland and mother's jewelry... but the fraudsters pocketed it all.
नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का हुआ था पर्दाफाश
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स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक युवक लोगों को ठगों से मिलाता था
महराजगंज। सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों में फैला है। एक पीड़ित के अनुसार, पीड़ितों की संख्या 150 से अधिक हो सकती है। अमर उजाला से बातचीत में पीड़ित निर्भय मद्धेशिया ने बताया कि उसने ठगों को पांच लाख देने के लिए मां के गहने, खेत गिरवी रख दिए इसके बाद भी रकम कम पड़ी तो ब्याज पर रुपये लेकर दिए थे। पुलिस अन्य पीड़ितों के बार में जानकारी जुटा रही है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित चार ठगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सरकारी व निजी संस्थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर, सब स्टाफ, अटेंडर सहित अन्य पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देता था।
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इसके लिए स्थानीय स्तर पर मुकेश चौधरी नामक युवक लोगों से संपर्क कर उन्हें निचलौल नगर स्थित मदरसा के पास किराए के मकान पर बुलाता था। यहीं अभ्यर्थियों से शैक्षिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज लिए जाते थे। नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।
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ठगी के शिकार निर्भय मद्धेशिया ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क केवल महराजगंज तक सीमित नहीं था। कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर तक फैला हुआ था। स्थानीय लोगों की मदद से बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाया जाता था। युवाओं को प्रशिक्षण और नियुक्ति की प्रक्रिया के नाम पर लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों में बुलाया जाता था। वहां फर्जी साक्षात्कार कराकर उन्हें नियुक्ति पत्र सौंप दिए जाते थे।
4.90 लाख लिए हड़प लिए, नहीं मिली नौकरी
निर्भय ने बताया कि दिसंबर 2025 में उनकी मुलाकात पिपराकाजी गांव में एक शादी समारोह के दौरान मुकेश चौधरी से हुई थी। मुकेश ने निर्भय को नौकरी दिलाने का झांसा देकर भरोसे में लिया। इसके बाद ठगों ने निर्भय को उपभोक्ता फोरम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की मांग की। उसने पर पहले एक लाख रुपये नकद दिए। बाद में विभिन्न किश्तों में कुल 4.90 लाख रुपये दिए। निर्भय ने बताया कि रकम जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मां के गहने गिरवी रखने और खेत बंधक रखने के बाद भी जब पांच लाख रुपये एकत्र नहीं हुए तो मजबूरी में ब्याज पर कर्ज लिया।
एक ही परिवार के तीन लोगों से ठगी
एक अन्य पीड़िता रीना चौधरी ने बताया कि ठगों ने उसे सरकारी नौकरी का झांसा दिया था। उसके पिता ने नवंबर 2025 में मदनपुरा पेट्रोल पंप पर गिरोह के सदस्यों को दो लाख रुपये नकद दिए थे। ठगों की बातों में आकर उसके जीजा विनोद चौधरी और बहन सोनमती चौधरी ने भी दो-दो लाख रुपये दिए थे। बाद में उन्हें लखनऊ ले जाकर गेस्ट हाउस में ठहराया गया और साक्षात्कार के नाम पर गुमराह किया गया। नौकरी के नाम पर बार-बार टालमटोल करने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

सूत्रों के अनुसार, गिरोह के स्थानीय एजेंट मुकेश चौधरी को भी नेपाल सीमा क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दो मामलों में केस दर्ज किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि संगठित ठग गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
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