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Maharajganj News: पकड़ियार गांव में पूरी रात चहलकदमी करता रहा तेंदुआ
Mon, 28 Jul 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:46 AM IST
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घुघली। क्षेत्र के पकड़ियार गांव में तेंदुआ शनिवार रात में पूरी रात चहलकदमी करता रहा। दहशत में लोग निगरानी करते रहे।
गांव के लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ माह से तेंदुआ पकड़ियार बिशुनपुर, कोटिया दो गांवों की करीब 12 हजार की आबादी दहशत में है। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका।
पूर्व प्रधान सीताराम यादव ने बताया कि उसी समय घर जा रहा था। तभी बेटे ने फोन पर बताया की उस रास्ते न आइएगा क्योंकि तेंदुआ रास्ते में ही बैठा है।
एक हजार की आबादी वाले यादव टोले पर रात भर ग्रामीण जागते रहे। क्योंकि, उनको बच्चों व मवेशियों की चिंता सता रही है। गांव के लोग रोजाना रात में निगरानी करते हैं। पकड़ियार बिशुनपुर के यादव टोले पर स्थित समय माई के स्थान के पास खड़ंजा पर बैठा मिला। जब वह कुत्ते पर पंजा मारा तो चिल्लाया तो रामप्यारे की पत्नी ने टार्च जलाया। इसके बाद वह झाड़ी में चल गया।10 जून से तेंदुआ 7 किलोमीटर के इर्द-गिर्द रिहायशी इलाकों में घूम रहा है।
मेदिनीपुर बगीचा, पकड़ियार-बिशुनपुर बागीचा व कोटिया बागीचे को अपना महफूज ठिकाना बनाया है। डिप्टी फारेस्टर कासिम अली ने बताया कि उसका कहीं ठिकाना एक जगह निर्धारित नहीं है। अब पिंजरा दूसरे स्थान पर लगाया जाएगा।
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गांव के लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ माह से तेंदुआ पकड़ियार बिशुनपुर, कोटिया दो गांवों की करीब 12 हजार की आबादी दहशत में है। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका।
पूर्व प्रधान सीताराम यादव ने बताया कि उसी समय घर जा रहा था। तभी बेटे ने फोन पर बताया की उस रास्ते न आइएगा क्योंकि तेंदुआ रास्ते में ही बैठा है।
एक हजार की आबादी वाले यादव टोले पर रात भर ग्रामीण जागते रहे। क्योंकि, उनको बच्चों व मवेशियों की चिंता सता रही है। गांव के लोग रोजाना रात में निगरानी करते हैं। पकड़ियार बिशुनपुर के यादव टोले पर स्थित समय माई के स्थान के पास खड़ंजा पर बैठा मिला। जब वह कुत्ते पर पंजा मारा तो चिल्लाया तो रामप्यारे की पत्नी ने टार्च जलाया। इसके बाद वह झाड़ी में चल गया।10 जून से तेंदुआ 7 किलोमीटर के इर्द-गिर्द रिहायशी इलाकों में घूम रहा है।
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मेदिनीपुर बगीचा, पकड़ियार-बिशुनपुर बागीचा व कोटिया बागीचे को अपना महफूज ठिकाना बनाया है। डिप्टी फारेस्टर कासिम अली ने बताया कि उसका कहीं ठिकाना एक जगह निर्धारित नहीं है। अब पिंजरा दूसरे स्थान पर लगाया जाएगा।
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