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Maharajganj News: मिलावटखोरों ने कुछ भी नहीं छोड़ा, मसालों से लेकर पानी तक में की मिलावट

Mon, 07 Aug 2023 12:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Aug 2023 12:23 AM IST
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The adulterants left nothing, from spices to water
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त्योहार करीब आते ही बढ़ जाती है खाद्य वस्तुओं में मिलावट
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर 1286 निरीक्षण हुआ, लैब से 256 की रिपोर्ट आई, इसमें 157 फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मिलावट करने वालों ने किसी खाद्य सामग्री को नहीं छोड़ा है। बोतल बंद पानी में भी मिलावट पाई गई है। पनीर, दूध, घी, मिठाई, सरसों का तेल, रिफाइन और मसाले तक के नमूनों की जांच में मिलावट मिल चुकी है। जगह-जगह नमूने लेकर प्रयोगशाला में कराई गई जांच में यह बात सामने आई है। जांच के लिए लिए गए 157 नमूने फेल हो गए हैं। त्योहार नजदीक आते ही मिलावट और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।

खानपान में बड़ी मात्रा में मिलावट हो रही है। बाजार में बिकने वाली पनीर, घी, दूध, मिठाई, सरसों के तेल, रिफाइन, पानी, मसाला भी मिलावटी आ रहे हैं। अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से कराई गई 265 खाद्य वस्तुओं के नमूनों की जांच में 157 नमूने फेल हो गए। इससे साफ जाहिर है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। मिलावट करने वालों से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक 21,39,000 रुपये का जुर्माना वसूल चुका है। 159 व्यवसायियों के खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दायर किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बोतल बंद पानी में भी गड़बड़ी पकड़ी है। जांच में पाया गया कि पानी की बोतल पर उसकी एक्सपायरी डेट (वैधता तिथि) अंकित नहीं थी।
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दूध के 62 नमूने, खोया के आठ, पनीर के 5, दूध से बनी मिठाइयों के 43, मसाले के दो, घी चार, सरसों तेल के पांच, अन्य तेल सात, खाद्यान्न एवं दाल के 20, बोतल बंद पानी के छह, बेकरी एवं नमकीन के 15 व अन्य खाद्य पदार्थों के 17 नमूने संग्रहित किए गए। यह सैंपलिंग मौजूदा वित्तीय वर्ष में हुई है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से सेहत पर असर पड़ता है। बच्चे और डायबिटीज रोगियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। इससे पेट संबंधी रोग हो जाते हैं। मिलावटी सामान सेहत के लिए हानिकारक हैं। इनका किसी भी हाल में सेवन न करें।

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ऐसे करते हैं मिलावट

सामान में चिकनाई लाने के लिए रिफाइन ऑयल का प्रयोग किया जाता है। यह खराब न हो, इसके लिए हाइड्रोजन पैराआक्साइड डाला जाता है। खोया और मिठाई का वजन बढ़ाने के लिए उसमें मैदा और आलू मिलाया जाता है। चना महंगा होने के चलते मैदे में रंग मिलाकर बाजार में उसे बेसन कहकर भी बेचा जा रहा है।

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बाजार से खरीदे गए पनीर में मिलावट होने पर उसका स्वाद ठीक नहीं लगता। बाजार में ज्यादातर सामान में मिलावट हो रही है।

रानू सिंह, मऊपाकड़
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मसाला खरीदकर ले गया। उसमें भी मिलावट मिली। दुकानदार से शिकायत की, तो उसने कहा कि ऊपर से ही ऐसे आ रहा है।

त्रिभुवन वर्मा, पड़री

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नमकीन में कंकड़ मिल गया। दूध भी ग्वाला देता है। उसमें भी मिलावट करके देता है। किसी तरह समझौता करना पड़ रहा है।
डॉ. देव कुशवाहा, शास्त्री नगर

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बेसन खरीदा। घर पहुंचकर पकौड़ी बनवाई, तो उसमें मैदा मिला हुआ था। मिलावटखोर रकम कमाने के चक्कर में लोगों के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

चंद्रशेखर जायसवाल, आजाद नगर

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ऐसे करें नकली की पहचान

खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित पांडेय कहते हैं कि उपभोक्ता थोड़ी सी जागरुकता से मिलावट से बच सकते हैं। नकली सरसों का तेल परखने के लिए उसे पानी के साथ मिलाकर हाथों पर रगड़ें। नकली होगा तो थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। इससे आंखों में भी जलन होगी। नकली बेसन को पानी में डालकर छोड़ दें। थोड़ी देर में रंग ऊपर आ जाएगा। नकली दूध में चीनी का अधिक प्रयोग करें, सूंघने पर केमिकल की गंध आएगी। मिलावट रोकने के लिए बने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार नमूना फेल होने पर आरोपित पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और तीन माह तक की सजा हो सकती है।


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वर्ष 2022 से फरवरी 2023 तक 1286 निरीक्षण हुआ। लैब से 265 की रिपोर्ट आई, इसमें 157 नमूने फेल हो गए। 122 अद्योमानक मिले हैं। 24 मिस ब्रांड मिला। 11 अनसेफ मिले। 165 वाद एडीएम न्यायालय में दाखिल हुआ। सीजेएम न्यायालय में आठ वाद दाखिल हुए हैं। 772 लाइसेंस जारी कर 17 लाख राजस्व की बढोतरी हुई। 4500 पंजीकरण कर करीब पांच लाख राजस्व बढ़ाया गया।
ब्रजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा दो
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