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Maharajganj News: अभियान चलाकर खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
Tue, 27 Aug 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 27 Aug 2024 12:59 AM IST
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महराजगंज। जिले में टीबी के मरीजों की खोज को लेकर नौ से 20 सितंबर तक घर-घर अभियान चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार की है। अभियान के दौरान जिले की कुल आबादी की 20 फीसदी की स्क्रीनिंग होगी। इसमें संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर लक्षण युक्त लोगों की जांच की जाएगी।
अभियान के लिए 240 टीम गठित कर दी, जबकि इसकी निगरानी के लिए कुल 48 सुपरवाइजरों की तैनाती हुई है। रोजाना एक सुपरवाइजर पांच टीम की निगरानी करेगी। जानकारी के अनुसार, जिले में संवेदनशील क्षेत्रों में नौ सितंबर से 20 सितंबर तक अभियान चलेगा। इसमें 70 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए 240 टीमें बनाई गई हैं।
एक टीम में आशा, आंगनबाड़ी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहेंगे। 10 दिन तक चलने वाले अभियान में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर टीबी मरीजों को खोजेंगे। एक दिन में टीम कम से कम 100 घरों को कवर करेगी। जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उसका इलाज शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान संवेदनशील मलिन बस्तियों, ईंट भठ्ठा, घूमंतू परिवार, जेल कारागार, बाजार समेत अन्य जगहों पर को कवर किया जाएगा।
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चिह्नित किए गए प्रत्येक टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये सहायता की सुविधा के साथ चिह्नित सवा दो हजार टीबी रोगियों का इलाज चल रहा है। टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये सहायता मिलती है। क्षय रोगियों को दवा खिलाने पर आशा कार्यकर्ता को 1000 प्रतिमाह दिया जाता है। जबकि किसी अन्य व्यक्ति ने किसी एक मरीज की खोज की तो उसे 500 मरीज के हिसाब से धनराशि दी जाती है।
जिले में क्षय रोगियों की खोज के लिए नौ से 20 सितंबर तक अभियान चलेगा। इसके लिए करीब 240 टीमें बनाई गई हैं, जबकि इसकी निगरानी के लिए 48 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
-डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी
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अभियान के लिए 240 टीम गठित कर दी, जबकि इसकी निगरानी के लिए कुल 48 सुपरवाइजरों की तैनाती हुई है। रोजाना एक सुपरवाइजर पांच टीम की निगरानी करेगी। जानकारी के अनुसार, जिले में संवेदनशील क्षेत्रों में नौ सितंबर से 20 सितंबर तक अभियान चलेगा। इसमें 70 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए 240 टीमें बनाई गई हैं।
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एक टीम में आशा, आंगनबाड़ी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहेंगे। 10 दिन तक चलने वाले अभियान में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर टीबी मरीजों को खोजेंगे। एक दिन में टीम कम से कम 100 घरों को कवर करेगी। जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उसका इलाज शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान संवेदनशील मलिन बस्तियों, ईंट भठ्ठा, घूमंतू परिवार, जेल कारागार, बाजार समेत अन्य जगहों पर को कवर किया जाएगा।
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चिह्नित किए गए प्रत्येक टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये सहायता की सुविधा के साथ चिह्नित सवा दो हजार टीबी रोगियों का इलाज चल रहा है। टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये सहायता मिलती है। क्षय रोगियों को दवा खिलाने पर आशा कार्यकर्ता को 1000 प्रतिमाह दिया जाता है। जबकि किसी अन्य व्यक्ति ने किसी एक मरीज की खोज की तो उसे 500 मरीज के हिसाब से धनराशि दी जाती है।
जिले में क्षय रोगियों की खोज के लिए नौ से 20 सितंबर तक अभियान चलेगा। इसके लिए करीब 240 टीमें बनाई गई हैं, जबकि इसकी निगरानी के लिए 48 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
-डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी