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शहर से लेकर गांवों तक गुल रही बिजली

Tue, 06 Oct 2020 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 11:42 PM IST
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stop in eletric saplai,
नगर के सक्सेना चौक पर प्रदर्शन करते बिजली निगम के कर्मचारी। - फोटो : MAHARAJGANJ
शहर से लेकर गांवों तक गुल रही बिजली
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। विद्युत कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। शहर में सोमवार की सुबह 10 बजे से रात 9.30 बजे तक बिजली गुल रही। इसके बाद आई तो मंगलवार की सुबह 7 बजे से बिजली गुल हो गई। बिजली नहीं रहने से जहां जरूरी काम प्रभावित हुए, वहीं उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। प्रशासन की ओर से की गई विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था दम तोड़ती नजर आई।
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से जिले में विद्युत आपूर्ति ठप रही। जिले में सोमवार की रात में कहीं बिजली थी तो कहीं पूरी रात नहीं रही, जिससे लोगों को ज्यादा दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। जनरेटर के सहारे लोगों ने किसी तरह काम चलाया। मंगलवार को सुबह से बिजली गुल रही। इंटरनेट फेल होने से जरूरी काम ठप रहे। वहीं सुबह पानी की आपूर्ति हुई तो कुछ लोगों ने पानी भर लिया। छोटे-बड़े सभी उद्योग धंधे बंद रहे, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। बैंकों एवं सरकारी संस्थानों में जनरेटर से बिजली की व्यवस्था की गई। व्यापारी नेता पशुपति नाथ गुप्त ने कहा कि हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन व्यवस्था धराशायी हो गई। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हो गए। बीमार एवं बच्चों को ज्यादा परेशानी हुई। जिला अस्पताल में जनरेटर से विद्युत आपूर्ति बहाल रखने का प्रयास भी काम नहीं आया। क्योंकि अस्पताल के वार्ड में पंखे बेहद धीरे चल रहे थे। बेड के पास बैठे तीमारदार ने बताया कि हाथ वाला पंखा ही इस समय काम आ रहा है। शहर से लेकर गांव तक बिजली नहीं रहने से हाहाकार मच गया है।
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हड़ताल पर रहे विद्युत कर्मी, आपूर्ति ठप
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी एक्सईएन दफ्तर पर धरने पर थे। सभी कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिले के किसी विद्युत उपकेंद्र पर विभाग के कर्मियों ने काम काज नहीं किया। संगठन के अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा। संघर्ष समिति के संयोजक ई. उपेंद्र नाथ चौरसिया ने कहा कि विभाग का निजीकरण होने से कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। सरकार को यह निर्णय वापस लेना होगा। डीपी त्रिपाठी, सुधीर सिंह ने कहा कि निजीकरण से बिजली महंगी मिलेगी। जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इस सभा के दौरान हरिशंकर, कार्तिक वर्मा, शम्भू नाथ, कुलदीप, आलोक कुमार, विपिन कुमार, ऋषिदेव गौतम, राम यादव, आलोक रंजन गुप्ता, कृष्णा नंद, अरुण कुमार यादव, राजनरायण, आईएस सिंह, अवधेश, रमेश, पीएन मौर्य, उपेंद्र गुप्ता, जुवेर खान, सुरेंद शर्मा आदि मौजूद रहे। कांग्रेस पार्टी ने विद्युत कर्मियों की हड़ताल का समर्थन किया है। पार्टी जिलाध्यक्ष अवनीश पाल ने बयान जारी कर समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि गर्मी से सभी बेहाल हैं। बिजली नहीं रहने से मुश्किल बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था फेल हो गई है।
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पानी की टंकी खाली, आरओ बंद
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से पानी की टंकी नहीं भर सकी। वहीं घरों में लगा आरओ भी बंद रहा। वहीं शहर के आरओ प्लांट को चलाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। लोगों ने शुद्ध पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप का सहारा लिया। वहीं प्रिंटिंग प्रेस का काम ठप रहा। इस कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि दो दिन बिजली ठप रहने से काफी नुकसान हुआ है। मोबाइल भी चार्ज करने में लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
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सुरक्षा में सभी विद्युत उपकेंद्र
जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है। नौतनवां विद्युत उपकेंद्र पर डीएम डॉ. उज्जवल कुमार एवं एसपी प्रदीप गुप्ता ने संविदा कर्मियों से बातचीत कर व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। इसके अलावा अन्य उपकेंद्रों पर अधिकारियों की टीम पुलिस के साथ तैनात रही। डीएम ने कहा कि जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठीक रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मोबाइल पर बिजली के बारे में लेते रहे जानकारी.....
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से सभी लोग परेशान हैं। हर कोई मोबाइल से एक-दूसरे से यही पूछ रहा था कि हेलो बिजली कब आएगी। ऐसे पूछते हुए लोगों का वक्त गुजर गया। वहीं बिजली नहीं रहने से बीएसएनएल का नेटवर्क भी फेल हो गया। निजी कंपनियों के नेटवर्क भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। निचलौल, फरेंदा, नौतनवां, सोनौली, घुघली, बृजमनगंज, सिसवा समेत अन्य क्षेत्र में आपूर्ति ठप रही। उधर, सोशल मीडिया पर भी हड़ताल को लेकर जंग छिड़ गई है। लोग अपने गुस्से का इजहार फेसबुक, ट्विटर, व्हाटसएप पर कर रहे हैं।
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राशन वितरण में हुई परेशानी
बरगदवां। बिजली नहीं रहने से बरगदवां क्षेत्र के कोटेदारों को सरकारी राशन वितरण में परेशानी हुईं। पिपरा, राजाबारी, रमगढवां, डगरुपुर, देवघट्टी, नरायनपुर, हरपुर, अमहवां, बेलहिया, मनिकापुर, बरगदवां आदि गांवों के कोटेदारों का कहना है कि ई-पास मशीन एवं डिजिटल काटा चार्ज न हो पाने के कारण काम बंद रहा।

पावर हाउस की ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
फरेंदा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष कृष्णमोहन यादव ने एसडीएम राजेश जायसवाल को पत्र देकर लेखपालों को विद्युत पावर हाउस की ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। एसडीएम को दिए गए पत्र में कहा कि विद्युत निगम के कर्मचारियों के निजीकरण को लेकर चल रही हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के लेखपालों की ड्यूटी पावर हाउस पर लगाई गई है। जिसके कारण सभी लेखपाल दहशत में हैं। लेखपाल को विद्युत उपकरण के संचालन व उसके रखरखाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसेेे में लेखपालों को पावर हाउस की ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
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