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Maharajganj News: श्रीनगर ताल का होगा पुनरोद्धार पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार
Mon, 28 Jul 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:50 AM IST
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महराजगंज। श्रीनगर ताल का पुनरोद्धार होगा। इससे पर्यटन, जल संचयन, सिंचाई को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के भी अवसर खुलेंगे। सिंचाई विभाग प्रथम ने निर्माण की कार्ययोजना तैयार किया है।
परियोजना पर 23641 लाख रुपये खर्च होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहतर होगी। जानकारी के अनुसार, श्रीनगर ताल बृजमनगंज विकास खंड में स्थित है। लंबे समय से स्थानीय किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत रहा है।
यह ताल न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि क्षेत्र की जैव-विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन लंबे समय से रख-रखाव के अभाव और विभागीय संसाधनों की कमी के कारण ताल की स्थिति बदहाल हो गई है।
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क्षतिग्रस्त स्केप, अपर्याप्त जल संचयन व्यवस्था और नहरों की जर्जर स्थिति के कारण किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस समस्या को लेकर स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने बार-बार आवाज उठाई थी, जिसके जवाब में जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
इन निर्देशों के अनुपालन में सिंचाई विभाग ने श्रीनगर ताल के पुनर्जनन और आधुनिकीकरण की एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर ताल को एक प्रभावी जलस्रोत के रूप में विकसित करना है, जिससे बारिश के पानी को संरक्षित कर खेतों तक पहुंचाया जा सके। इस परियोजना के तहत ताल में पांच फीट पानी रोकने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे नहरों के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में नियमित और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके।
नए स्केप और पुल का निर्माण : वर्तमान में श्रीनगर ताल का स्केप क्षतिग्रस्त स्थिति में है, जिसके कारण जल संचयन और नहरों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस परियोजना के तहत पुराने स्केप को हटाकर एक आधुनिक स्केप और इसके साथ एक नए पुल का निर्माण किया जाएगा। यह स्केप जल प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करेगा, जिससे ताल में पानी का स्तर स्थिर रहेगा।
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परियोजना पर 23641 लाख रुपये खर्च होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहतर होगी। जानकारी के अनुसार, श्रीनगर ताल बृजमनगंज विकास खंड में स्थित है। लंबे समय से स्थानीय किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत रहा है।
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यह ताल न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि क्षेत्र की जैव-विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन लंबे समय से रख-रखाव के अभाव और विभागीय संसाधनों की कमी के कारण ताल की स्थिति बदहाल हो गई है।
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क्षतिग्रस्त स्केप, अपर्याप्त जल संचयन व्यवस्था और नहरों की जर्जर स्थिति के कारण किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस समस्या को लेकर स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने बार-बार आवाज उठाई थी, जिसके जवाब में जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
इन निर्देशों के अनुपालन में सिंचाई विभाग ने श्रीनगर ताल के पुनर्जनन और आधुनिकीकरण की एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर ताल को एक प्रभावी जलस्रोत के रूप में विकसित करना है, जिससे बारिश के पानी को संरक्षित कर खेतों तक पहुंचाया जा सके। इस परियोजना के तहत ताल में पांच फीट पानी रोकने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे नहरों के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में नियमित और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके।
नए स्केप और पुल का निर्माण : वर्तमान में श्रीनगर ताल का स्केप क्षतिग्रस्त स्थिति में है, जिसके कारण जल संचयन और नहरों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस परियोजना के तहत पुराने स्केप को हटाकर एक आधुनिक स्केप और इसके साथ एक नए पुल का निर्माण किया जाएगा। यह स्केप जल प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करेगा, जिससे ताल में पानी का स्तर स्थिर रहेगा।