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Maharajganj News: कहीं एग्रीमेंट के बहाने बेची जमीन तो कहीं धोखा देकर हिस्से से ज्यादा ले लीं
Wed, 13 Nov 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 13 Nov 2024 01:48 AM IST
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महराजगंज। जमीन के दलालों का नेटवर्क बहुत मजबूत है। कहीं दलाल ने एग्रीमेंट के बहाने जमीन को बेच डाली तो कहीं झांसा देकर विक्रेता ने हिस्से से ज्यादा जमीन बैनामा करा ली। दर-दर भटकने के बाद पीड़ितों की तहरीर पर केस दर्ज हुआ है। पहले मामले में तीन तो दूसरे मामले में पांच आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच में पुलिस जुटी है।
सीजेएम न्यायालय में पीड़ित अनवारी निवासी धनेवा-धनेई, टोला गबडुआ ने वाद दाखिल किया। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर मकसूद आलूम, फखरे आलम, मोहम्मद जुबैर खां निवासी धनेवा धनेई टोला गबड़आ थाना कोतवाली के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है।
पीड़िता की तहरीर के अनुसार, उसके पिता स्वर्गीय छेदी ने तीन शादी की। पहली पत्नी और वादी की मां सहीबुन निशा निवासी गबडुआ, दूसरी पत्नी सुन्न्तुन निशा निवासी ग्राम-नटवां, तीसरी पत्नी कलीसुन निशा निवासी गाम डेरवा थी। तीसरी पत्नी कलीसुन निशा ने पिता छेदी को अपने वश में कर लिया और वह सारी जायजाद अकेले हड़पना चाहती थी।
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आरोप है कि कलीसुन निशा ने छेदी को सहीबुन निशा के विरुद्ध ऐसा भड़काया कि पिता ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। तीसरी पत्नी कलीसुन निशा ने पिता की चल-अचल संपत्ति का वसीयतनामा करा लिया। वसीयत लिखने को 20 दिन बाद 20 सितंबर 2012 को छेदी की मौत हो गई।
पिता छेदी की मौत के बाद कलीसुन निशा को पता चला कि वसीयतनामा गलती से दूसरी पत्नी सुन्नतुन निशा के नाम से हो गया है तो कलीसुन निशा ने अपने गांव के प्रॉपर्टी डीलर जुबैर खां व अपने लड़कों के सहयोग से अपने प्रमाणपत्रों में अपना नाम सुन्नतुन निशा अंकित करा लिया और इसके आधार पर छेदी की संपूर्ण जायदाद अकेले हड़पने लगी।
दो फरवरी 2019 को कलीसुन निश की मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके लड़के मकसूद आमल व फखरे आलम को प्राॅपर्टी डीलर जुबैर खां अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए उसका रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 27 दिसंबर 2022 को अपने नाम से औने-पौने दाम में करा लिया और जमीन धीरे-धीरे बेचने के प्रयास में लगा है।
एग्रीमेंट कराने के बाद से ही बार-बार धमकी दी जा रही है। पुलिस से शिकायत के बाद केस दर्ज नहीं हुआ तो न्यायालय की शरण ली। इसके बाद आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने केस दर्ज करने की पुष्टि की।
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सीजेएम न्यायालय में पीड़ित अनवारी निवासी धनेवा-धनेई, टोला गबडुआ ने वाद दाखिल किया। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर मकसूद आलूम, फखरे आलम, मोहम्मद जुबैर खां निवासी धनेवा धनेई टोला गबड़आ थाना कोतवाली के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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पीड़िता की तहरीर के अनुसार, उसके पिता स्वर्गीय छेदी ने तीन शादी की। पहली पत्नी और वादी की मां सहीबुन निशा निवासी गबडुआ, दूसरी पत्नी सुन्न्तुन निशा निवासी ग्राम-नटवां, तीसरी पत्नी कलीसुन निशा निवासी गाम डेरवा थी। तीसरी पत्नी कलीसुन निशा ने पिता छेदी को अपने वश में कर लिया और वह सारी जायजाद अकेले हड़पना चाहती थी।
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आरोप है कि कलीसुन निशा ने छेदी को सहीबुन निशा के विरुद्ध ऐसा भड़काया कि पिता ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। तीसरी पत्नी कलीसुन निशा ने पिता की चल-अचल संपत्ति का वसीयतनामा करा लिया। वसीयत लिखने को 20 दिन बाद 20 सितंबर 2012 को छेदी की मौत हो गई।
पिता छेदी की मौत के बाद कलीसुन निशा को पता चला कि वसीयतनामा गलती से दूसरी पत्नी सुन्नतुन निशा के नाम से हो गया है तो कलीसुन निशा ने अपने गांव के प्रॉपर्टी डीलर जुबैर खां व अपने लड़कों के सहयोग से अपने प्रमाणपत्रों में अपना नाम सुन्नतुन निशा अंकित करा लिया और इसके आधार पर छेदी की संपूर्ण जायदाद अकेले हड़पने लगी।
दो फरवरी 2019 को कलीसुन निश की मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके लड़के मकसूद आमल व फखरे आलम को प्राॅपर्टी डीलर जुबैर खां अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए उसका रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 27 दिसंबर 2022 को अपने नाम से औने-पौने दाम में करा लिया और जमीन धीरे-धीरे बेचने के प्रयास में लगा है।
एग्रीमेंट कराने के बाद से ही बार-बार धमकी दी जा रही है। पुलिस से शिकायत के बाद केस दर्ज नहीं हुआ तो न्यायालय की शरण ली। इसके बाद आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने केस दर्ज करने की पुष्टि की।