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Maharajganj News: कहीं बेल्ट खराब तो कहीं कंप्रेशर, एंबुलेंस नहीं हो रही कूल
Sun, 12 May 2024 03:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 12 May 2024 03:34 AM IST
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निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बिना स्ट्रेचर के एंबुलेंस में महिला को बैठाता चालक।संवादनि
महराजगंज। जिले में 108 और 102 नंबर एंबुलेंस में लगी एसी बस नाम की है। कागज में सब कुछ ठीक है, लेकिन हकीकत में व्यवस्था की पड़ताल हुई तो खामियों की पोल खुल गई। 102 नंबर की 32, जबकि 108 नंबर की 28 एंबुलेंस हैं। इसके अलावा चार एएलएस है। बृजमनगंज क्षेत्र में एंबुलेंस में एसी का कंप्रेशर खराब मिला तो निचलौल क्षेत्र में बेल्ट खराब होने से एसी कूल नहीं कर रही थी।
शनिवार को बृजमनगंज सीएचसी के करीब एक एंबुलेंस खड़ी थी। अंदर सब कुछ ठीक मिला। ऑक्सीजन सिलिंडर भरा हुआ था। फस्ट एड बाक्स में जरूरी दवाएं दिखीं। चालक से गाड़ी स्टार्ट करने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने गाडी स्टार्ट की। जांच में पता चला की कंप्रेशर खराब होने के कारण एसी कूल नहीं कर रही है। मरीजों को ऐसे ही लाया जाता है।
आसपास के लोगों का आरोप रहा कि गाड़ी में एसी ठीक रहने पर भी नहीं चलाई जाती है। क्षेत्र निवासी नरेंद्र वर्मा कहते हैं कि सभी एंबुलेंस बदहाल नहीं है, लेकिन कुछ में गड़बड़ी है। गर्मी में एसी चलने से मरीजों को राहत मिलती, लेकिन पता नहीं किन कारणों से बंद कर दिया जाता है। अंदर सफाई भी ठीक से नहीं दिखी। चालक ने बताया कि एसी का कंप्रेशर खराब है। रिपोर्ट भेज दी गई है। ऑक्सीजन पूरा है। फस्ट ऐड भी गाड़ी में उपलब्ध है।
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निचलौल सीएचसी के करीब मिले एंबुलेंस की हालत देख हर कोई दंग रह गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रसूति भवन के सामने खड़ी 102 नंबर एंबुलेंस की एसी भी नहीं मिली। चालक ने गाड़ी में ऐसी चालू किया तो अचानक कुछ समय तक धूल निकली, फिर कुछ समय के बाद धूल फेकना ठीक हो गया। लेकिन ऐसी चलने के बाद भी ठंडा नहीं हुआ।
पूछताछ में इन्होंने कहा की ऐसी में भी कुछ तकनीकी दिक्कत है। इसलिए ऐसी का प्रयोग नहीं हो पाता है। पता चला की बेल्ट खराब होने की वजह से कूलिंग नहीं हो रही है। इसी बीच एक हैरन करने वाली तस्वीर नजर आई। प्रसूता का ऑपरेशन हुआ था। उसे घर ले जाने के लिए एंबुलेंस लगी थी। वह बेल्ट पहनी हुई थी, उसे एंबुलेंस तक ले जाने के लिए व्हील चेयर तक नहीं थी। वह किसी तरह से एंबुलेंस तक पहुंची तो चालक ने उसे सहारा दिया। अंदर एंबुलेंस में बैठने में दिक्कत हुई। किसी तरह से वह गंतव्य की ओर रवाना हुई।
समय-समय जांच कर कमियां दूर की जाती हैं
108 नंबर एंबुलेंस के जिला प्रभारी रामानुज गौंड ने बताया कि जिले में सभी एंबुलेंस ठीक हालत में हैं। समय-समय जांच कर कमियों को दूर किया जाता है। स्टेचर से लेकर फस्ट एड बाक्स में दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर समेत अन्य जरूरी सामाग्री पूरी रहती है। सभी एंबुलेंसों में एसी ठीक हालत में है। इसकी रिपोर्ट समय पर समय भेजी जाती है। वर्तमान में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त हैं। अगर कहीं गड़बड़ी होगी तो जांच के बाद सुधार कर दी जाएंगी। मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है।
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शनिवार को बृजमनगंज सीएचसी के करीब एक एंबुलेंस खड़ी थी। अंदर सब कुछ ठीक मिला। ऑक्सीजन सिलिंडर भरा हुआ था। फस्ट एड बाक्स में जरूरी दवाएं दिखीं। चालक से गाड़ी स्टार्ट करने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने गाडी स्टार्ट की। जांच में पता चला की कंप्रेशर खराब होने के कारण एसी कूल नहीं कर रही है। मरीजों को ऐसे ही लाया जाता है।
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आसपास के लोगों का आरोप रहा कि गाड़ी में एसी ठीक रहने पर भी नहीं चलाई जाती है। क्षेत्र निवासी नरेंद्र वर्मा कहते हैं कि सभी एंबुलेंस बदहाल नहीं है, लेकिन कुछ में गड़बड़ी है। गर्मी में एसी चलने से मरीजों को राहत मिलती, लेकिन पता नहीं किन कारणों से बंद कर दिया जाता है। अंदर सफाई भी ठीक से नहीं दिखी। चालक ने बताया कि एसी का कंप्रेशर खराब है। रिपोर्ट भेज दी गई है। ऑक्सीजन पूरा है। फस्ट ऐड भी गाड़ी में उपलब्ध है।
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निचलौल सीएचसी के करीब मिले एंबुलेंस की हालत देख हर कोई दंग रह गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रसूति भवन के सामने खड़ी 102 नंबर एंबुलेंस की एसी भी नहीं मिली। चालक ने गाड़ी में ऐसी चालू किया तो अचानक कुछ समय तक धूल निकली, फिर कुछ समय के बाद धूल फेकना ठीक हो गया। लेकिन ऐसी चलने के बाद भी ठंडा नहीं हुआ।
पूछताछ में इन्होंने कहा की ऐसी में भी कुछ तकनीकी दिक्कत है। इसलिए ऐसी का प्रयोग नहीं हो पाता है। पता चला की बेल्ट खराब होने की वजह से कूलिंग नहीं हो रही है। इसी बीच एक हैरन करने वाली तस्वीर नजर आई। प्रसूता का ऑपरेशन हुआ था। उसे घर ले जाने के लिए एंबुलेंस लगी थी। वह बेल्ट पहनी हुई थी, उसे एंबुलेंस तक ले जाने के लिए व्हील चेयर तक नहीं थी। वह किसी तरह से एंबुलेंस तक पहुंची तो चालक ने उसे सहारा दिया। अंदर एंबुलेंस में बैठने में दिक्कत हुई। किसी तरह से वह गंतव्य की ओर रवाना हुई।
समय-समय जांच कर कमियां दूर की जाती हैं
108 नंबर एंबुलेंस के जिला प्रभारी रामानुज गौंड ने बताया कि जिले में सभी एंबुलेंस ठीक हालत में हैं। समय-समय जांच कर कमियों को दूर किया जाता है। स्टेचर से लेकर फस्ट एड बाक्स में दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर समेत अन्य जरूरी सामाग्री पूरी रहती है। सभी एंबुलेंसों में एसी ठीक हालत में है। इसकी रिपोर्ट समय पर समय भेजी जाती है। वर्तमान में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त हैं। अगर कहीं गड़बड़ी होगी तो जांच के बाद सुधार कर दी जाएंगी। मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है।