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Maharajganj News: दिल्ली से टेंपर्ड ग्लास मंगाकर तस्कर कर रहे सरहद पार
Fri, 02 May 2025 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 02 May 2025 12:12 AM IST
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सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह हो रही तस्करी।
महराजगंज। तस्करों ने अब मोबाइल फोन पर लगने वाले टेंपर्ड ग्लास की तस्करी शुरू कर दी है। दिल्ली से इसे मंगाकर झोले में रखकर आसानी से सरहद पार कर दे रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियों को पता भी नहीं चलता। इस धंधे में तस्करों का एक पूरा सिंडिकेट जुटा है। इसमें खतरा भी कम है और अच्छी आमदनी भी हो जा रही है।
सूत्रों की माने तो हर माह करीब 50 लाख रुपये का धंधा हो रहा है। नेपाल में जिस सामान पर भारी-भरकम कस्टम ड्यूटी है उस समान की तस्करी शुरू हो जाती है। मामला तब सामने आता है जब इसकी बरामदगी होती है। बीते दिनों अधिक मात्रा में टेंपर्ड ग्लास की बरामदगी हुई थी।
जानकारी के अनुसार, बीते माह पुलिस ने एंड्रॉयड टेम्पर्ड ग्लास बरामद किए थे, जो भारतीय क्षेत्र से तस्करी कर नेपाल भेजे जा रहे थे। नेपाल सीमा तक बगैर बिल के मोबाइल पार्ट्स बस एवं अन्य प्राइवेट साधनों से लाया जाता है। इसे थोड़ा-थोड़ा कर नेपाल के भैरहवा में रखा जाता है। उसके बाद नेपाल के काठमांडों, नारायणघाट, पोखरा जैसे महानगरों में भेज दिया जाता है।
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आईफोन सहित भारत के ब्रांडेड मोबाइल फोन टेंपर्ड ग्लास की नेपाल में काफी डिमांड है। भारत में 20 से 25 रुपये में मिलने वाला ग्लास 100 से 200 रुपये में बेचा जाता है। झोले में रखकर कैरियर नेपाल पहुंचा देते हैं।
उसके बाद डब्बा और रैपर पहुंचाया जाता है। सूत्रों की माने तो एक आईफोन का ग्लास पहुंचाने पर 50 रुपये और अन्य मोबाइल के लिए 20 रुपये मिलते हैं। एक दिन में करीब 10 हजार पीस नेपाल कैरियर पहुंचा देते हैं।
सूत्रों की माने तो जनपद के सिसवा, निचलौल, नौतनवा कस्बा में बड़े मोबाइल व्यावसायियों की दुकानें भारत नेपाल सीमा के ठूठीबारी, सोनौली, भगवानपुर आदि स्थानों पर हैं। नौतनवा कस्बा अवैध मोबाइल कारोबार का अड्डा बना हुआ है। कस्बे में मोबाइल की एक बड़ी दुकान है जिसकी सोनौली में भी दुकान है। जहां से मोबाइल ग्लास सप्लाई किया जाता है। एक दुकान से दूसरे दुकान पर माल जाता है।
वहां से तस्कर मोबाइल ग्लास पॉकेट में रखकर पैदल ही सीमा पार कर जाते हैं। बताया जाता है कि कारोबारी का तार कई शहरों से जुड़ा है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल में आईफोन की डिमांड अधिक है। इसलिए सीमा पर आईफोन मोबाइल ग्लास की तस्करी जोरों पर है।
बिना जीएसटी का माल जो जीएसटी की आड़ में चलता है। उसका बिल नहीं होता है। कटिंग के माल का कोई लेखा-जोखा नहीं होता है। गोरखपुर, दिल्ली से मंगाकर नेपाल भेज दिया जाता है।
पुलिस ने चार गट्ठर जूता-चप्पल किया बरामद
परसामलिक थाना क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम पंचायत सेवतरी टोला परसा स्थित बाॅर्डर डेवलपमेंट रोड से पुलिस ने तस्करी की चार गट्ठर लेडीज चप्पल बरामद कर थाने पर लाया। जहां जांच-पड़ताल में 144 जोड़ा चप्पल बरामद कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवा को भेजा गया। थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार राय के अनुसार, चार गट्ठर जूता-चप्पल बरामद किया गया है, जिसे अग्रिम कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम कार्यालय को सुपुर्द किया गया है।
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सूत्रों की माने तो हर माह करीब 50 लाख रुपये का धंधा हो रहा है। नेपाल में जिस सामान पर भारी-भरकम कस्टम ड्यूटी है उस समान की तस्करी शुरू हो जाती है। मामला तब सामने आता है जब इसकी बरामदगी होती है। बीते दिनों अधिक मात्रा में टेंपर्ड ग्लास की बरामदगी हुई थी।
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जानकारी के अनुसार, बीते माह पुलिस ने एंड्रॉयड टेम्पर्ड ग्लास बरामद किए थे, जो भारतीय क्षेत्र से तस्करी कर नेपाल भेजे जा रहे थे। नेपाल सीमा तक बगैर बिल के मोबाइल पार्ट्स बस एवं अन्य प्राइवेट साधनों से लाया जाता है। इसे थोड़ा-थोड़ा कर नेपाल के भैरहवा में रखा जाता है। उसके बाद नेपाल के काठमांडों, नारायणघाट, पोखरा जैसे महानगरों में भेज दिया जाता है।
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आईफोन सहित भारत के ब्रांडेड मोबाइल फोन टेंपर्ड ग्लास की नेपाल में काफी डिमांड है। भारत में 20 से 25 रुपये में मिलने वाला ग्लास 100 से 200 रुपये में बेचा जाता है। झोले में रखकर कैरियर नेपाल पहुंचा देते हैं।
उसके बाद डब्बा और रैपर पहुंचाया जाता है। सूत्रों की माने तो एक आईफोन का ग्लास पहुंचाने पर 50 रुपये और अन्य मोबाइल के लिए 20 रुपये मिलते हैं। एक दिन में करीब 10 हजार पीस नेपाल कैरियर पहुंचा देते हैं।
सूत्रों की माने तो जनपद के सिसवा, निचलौल, नौतनवा कस्बा में बड़े मोबाइल व्यावसायियों की दुकानें भारत नेपाल सीमा के ठूठीबारी, सोनौली, भगवानपुर आदि स्थानों पर हैं। नौतनवा कस्बा अवैध मोबाइल कारोबार का अड्डा बना हुआ है। कस्बे में मोबाइल की एक बड़ी दुकान है जिसकी सोनौली में भी दुकान है। जहां से मोबाइल ग्लास सप्लाई किया जाता है। एक दुकान से दूसरे दुकान पर माल जाता है।
वहां से तस्कर मोबाइल ग्लास पॉकेट में रखकर पैदल ही सीमा पार कर जाते हैं। बताया जाता है कि कारोबारी का तार कई शहरों से जुड़ा है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल में आईफोन की डिमांड अधिक है। इसलिए सीमा पर आईफोन मोबाइल ग्लास की तस्करी जोरों पर है।
बिना जीएसटी का माल जो जीएसटी की आड़ में चलता है। उसका बिल नहीं होता है। कटिंग के माल का कोई लेखा-जोखा नहीं होता है। गोरखपुर, दिल्ली से मंगाकर नेपाल भेज दिया जाता है।
पुलिस ने चार गट्ठर जूता-चप्पल किया बरामद
परसामलिक थाना क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम पंचायत सेवतरी टोला परसा स्थित बाॅर्डर डेवलपमेंट रोड से पुलिस ने तस्करी की चार गट्ठर लेडीज चप्पल बरामद कर थाने पर लाया। जहां जांच-पड़ताल में 144 जोड़ा चप्पल बरामद कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवा को भेजा गया। थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार राय के अनुसार, चार गट्ठर जूता-चप्पल बरामद किया गया है, जिसे अग्रिम कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम कार्यालय को सुपुर्द किया गया है।