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Maharajganj News: एनसीईआरटी की किताबों का टोटा, निजी प्रकाशकों की बल्ले-बल्ले

Wed, 07 Aug 2024 04:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 07 Aug 2024 04:10 AM IST
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Shortage of NCERT books, private publishers are in trouble
किताबों की खरीदारी करते विद्यार्थी ।  
महराजगंज। एनसीईआरटी की किताबों का बाजार में टोटा है। आलम यह है कि ऑर्डर देने के तीन-चार दिन बाद ही किताबें मिल पा रही हैं। मोटा मुनाफा के कारण निजी प्रकाशकों की किताबें सभी दुकानों पर आसानी से मिल जा रही हैं। किताबें न मिलने से 9वीं से 12वीं के तक के विद्यार्थी परेशान हैं।
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दुकानों पर एनसीईआरटी का स्टाॅक न होने से निजी स्कूल भी एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिलने का तर्क देकर अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तक थोप रहे हैं। पुस्तक विक्रेता भी स्टॉक न होने की दुहाई देकर एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तक बेचने की जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो गई है। 9वीं से 12 वीं कक्षाओं में मुख्य पाठ्यक्रमों में एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं। इसके मुकाबले निजी प्रकाशकों की निजी स्कूलों की सुझाई गईं किताबें भी चुनिंदा दुकानों पर ही बिक रही हैं।
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी यह किताबें नहीं मिल पा रही हैं। दुकानदार मार्केट में इन किताबों का टोटा बता रहे हैं। नगर सहकारी बैंक के बगल में किताबों के थोक व फुटकर विक्रेता अरुण गुप्ता, कॉलेज रोड के दुकानदार महेश कुमार ने बताया कि एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लगातार बदलता रहता है। इसके कारण हम लोग ऑर्डर पर ही किताबें मंगाते हैं। कुछ किताबें तो मिल सकती हैं तत्काल लेकिन पूरा सेट ऑर्डर लेकर ही मंगाया जाता है।
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लोगों की माने तो एनसीईआरटी की पुस्तकों को बेचने में पुस्तक विक्रेता भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एनसीईआरटी की पुस्तकें बहुत ही साधारण मूल्य पर बिकती हैं, जिसमें मुनाफा भी ज्यादा नहीं है। इंटर के छात्र सत्यम कहते हैं कि एनसीईआरटी की किताबें दुकान पर नहीं मिल रहीं है। यहीं पुस्तकें निजी प्रकाशकों की महंगे दाम मिल रही हैं। जरूरत होने पर तुरंत लेने पर महंगा रेट देना पड़ता है।

मामले में शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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