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Maharajganj News: विक्रेता और क्रेता को सत्यापन के लिए नहीं आना पड़ेगा एआरटीओ
Sun, 17 Mar 2024 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 17 Mar 2024 11:55 PM IST
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महराजगंज। अब पुराने वाहनों को ट्रांसफर कराने के लिए एआरटीओ दफ्तर की भागदौड़ नहीं करनी होगी। परिवहन विभाग ऑनरशिप ट्रांसफर की सुविधा विभागीय वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन देने की तैयारी में है। सत्यापन के लिए विक्रेता और क्रेता को मोबाइल फोन पर ओटीपी भेजा जाएगा। जहां दोनों आपस में ओटीपी साझा करेंगे और विभाग की वेबसाइट पर दर्ज करेंगे। इसके बाद वाहन ट्रांसफर हो जाएगा।
संभागीय निरीक्षक परिवहन महराजगंज आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया ओटीपी आधारित की जा रही है, क्योंकि पुराना वाहन बेचने के बाद ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। पहले पुरानी व्यवस्था के तहत विक्रेता व क्रेता को आरटीओ कार्यालय आना पड़ता था। यहां प्रभारी अधिकारी दोनों से अपने सामने हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी कराते थे, लेकिन नई व्यवस्था में अप्लाई करने पर पहले दस्तावेज को ऑनलाइन ही सबमिट किया जाएगा।
आधार लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से क्रेता-विक्रेता का सत्यापन होगा। फिर मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए प्रदेश के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां वाहन की ऑनरशिप ट्रांसफर पर बेचने वाले को क्लिक करना होगा, जिसके बाद उपलब्ध फॉर्म को भरने के बाद बेचने वाले से उसका डाटा लिया जाएगा। दोबारा एक ओटीपी आएगा जिसे डालने पर वाहन बेचने की प्रक्रिया शुरू होगी। खरीदार गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इसके बाद बेचने वाले की ओर से भरी गई जानकारी उसके सामने आ जाएगी। खरीदार ने स्वीकृति दिया तो अंतिम ओटीपी आएगा, जिसे लोड करते ही वाहन की ओनरशिप बदलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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नई प्रक्रिया लोगों के कामकाज को आसान बनाने के लिए है। इसकी तैयारियां विभाग ने शुरू कर दी हैं। हम लोगों को विभागीय ग्रुप के माध्यम से यह सूचना दी गई है। नई व्यवस्था में विभाग की ओर से भेजे ओटीपी से ही सत्यापन का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि अभी आदेश की काॅपी विभाग में नहीं पहुंची है।
-विनय कुमार, आरटीओ
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संभागीय निरीक्षक परिवहन महराजगंज आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया ओटीपी आधारित की जा रही है, क्योंकि पुराना वाहन बेचने के बाद ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। पहले पुरानी व्यवस्था के तहत विक्रेता व क्रेता को आरटीओ कार्यालय आना पड़ता था। यहां प्रभारी अधिकारी दोनों से अपने सामने हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी कराते थे, लेकिन नई व्यवस्था में अप्लाई करने पर पहले दस्तावेज को ऑनलाइन ही सबमिट किया जाएगा।
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आधार लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से क्रेता-विक्रेता का सत्यापन होगा। फिर मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए प्रदेश के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां वाहन की ऑनरशिप ट्रांसफर पर बेचने वाले को क्लिक करना होगा, जिसके बाद उपलब्ध फॉर्म को भरने के बाद बेचने वाले से उसका डाटा लिया जाएगा। दोबारा एक ओटीपी आएगा जिसे डालने पर वाहन बेचने की प्रक्रिया शुरू होगी। खरीदार गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इसके बाद बेचने वाले की ओर से भरी गई जानकारी उसके सामने आ जाएगी। खरीदार ने स्वीकृति दिया तो अंतिम ओटीपी आएगा, जिसे लोड करते ही वाहन की ओनरशिप बदलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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नई प्रक्रिया लोगों के कामकाज को आसान बनाने के लिए है। इसकी तैयारियां विभाग ने शुरू कर दी हैं। हम लोगों को विभागीय ग्रुप के माध्यम से यह सूचना दी गई है। नई व्यवस्था में विभाग की ओर से भेजे ओटीपी से ही सत्यापन का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि अभी आदेश की काॅपी विभाग में नहीं पहुंची है।
-विनय कुमार, आरटीओ