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Maharajganj News: दुष्कर्मी को 10 वर्ष का कारावास
Tue, 09 Jan 2024 08:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 09 Jan 2024 08:38 PM IST
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महराजगंज। पनियरा क्षेत्र में वर्ष 2014 में 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी मिलने पर विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने सुरेश को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11000 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी जो कक्षा 10 की छात्रा है। वह 18 जून 2014 को शाम करीब आठ बजे नित्यक्रिया के लिए घर से बाहर गई थी। उसी दौरान गांव के सुरेश पुत्र विश्वभंर निवासी पनियरा बहला फुसलाकर भगा ले गया। उसकी मदद विश्वभंर, परमादेवी व पंजाबी ने की थी। इस मामले में पुलिस ने सुरेश, विश्वंभर, परमादेवी, पंजाबी, अरविंद कुमार सिंह, अखिलेश कुमार व गुलशन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
विवेचना के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनोद सिंह ने आठ गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। विवेचना के दौरान परमादेवी पत्नी विश्वभंर व गुलशन की मृत्यु हो गई। इसके कारण उनके खिलाफ वाद समाप्त कर दिया गया। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर विश्वभंर, अरविंद, अखिलेश व पंजाबी को दोष मुक्म कर दिया। जबकि सुरेश को 10 वर्ष की सजा सुनाई है।
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जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी जो कक्षा 10 की छात्रा है। वह 18 जून 2014 को शाम करीब आठ बजे नित्यक्रिया के लिए घर से बाहर गई थी। उसी दौरान गांव के सुरेश पुत्र विश्वभंर निवासी पनियरा बहला फुसलाकर भगा ले गया। उसकी मदद विश्वभंर, परमादेवी व पंजाबी ने की थी। इस मामले में पुलिस ने सुरेश, विश्वंभर, परमादेवी, पंजाबी, अरविंद कुमार सिंह, अखिलेश कुमार व गुलशन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
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विवेचना के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनोद सिंह ने आठ गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। विवेचना के दौरान परमादेवी पत्नी विश्वभंर व गुलशन की मृत्यु हो गई। इसके कारण उनके खिलाफ वाद समाप्त कर दिया गया। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर विश्वभंर, अरविंद, अखिलेश व पंजाबी को दोष मुक्म कर दिया। जबकि सुरेश को 10 वर्ष की सजा सुनाई है।
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