{"_id":"6624540348e7774f690663d4","slug":"raids-at-relatives-houses-in-search-of-inspectors-associates-in-hawala-scandal-maharajganj-news-c-7-gkp1006-532950-2024-04-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हवाला कांड : गोरखपुर के दरोगा के साथियों की तलाश में लखनऊ-दिल्ली में छापा, नहीं मिल रहे आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हवाला कांड : गोरखपुर के दरोगा के साथियों की तलाश में लखनऊ-दिल्ली में छापा, नहीं मिल रहे आरोपी
Sun, 21 Apr 2024 05:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 21 Apr 2024 05:17 AM IST
सार
व्यापारी से 50 लाख रुपये छीनने के आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे तीनों आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इनकी तलाश में टीमें लखनऊ और दिल्ली में छापा मार चुकी है।
विज्ञापन
दरोगा आलोक सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर में व्यापारी से 50 लाख रुपये छीनने के आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे तीनों आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। शुक्रवार की रात और शनिवार को दिन में क्राइम ब्रांच, कोतवाली पुलिस और गोरखनाथ पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी।
विज्ञापन
तीनों गोरखनाथ क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। हालांकि पुलिस को अभी कामयाबी नहीं मिली है। दावा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे। पूरे मामले की जांच सीओ कोतवाली कर रहे हैं।
विज्ञापन
आरोपी दरोगा आलोक सिंह के तीनों साथियों के घर का पता भी पुलिस को मालूम हो चुका है। आरोपी प्रचंड प्रताप सिंह गोरखनाथ क्षेत्र के माधवधाम के एकता नगर का रहने वाला है। वहीं मुकेश कुमार का राजेन्द्र नगर पश्चिमी और विशाल तिवारी का घर लच्छीपुर मोहल्ले में है।
विज्ञापन
गोरखनाथ क्षेत्र में घर होने के चलते कोतवाली व क्राइम ब्रांच के साथ गोरखनाथ पुलिस भी इनकी तलाश में जुट गई है। शुक्रवार की रात तीनों टीमों ने आरोपियों के करीबियों व रिश्तेदारों पर शिकंजा कसते हुए उनके घर दबिश दी।
बेनीगंज के लाला टोली के रहने वाले व्यापारी नवीन कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दरोगा आलोक सिंह और राजेंद्र नगर के प्रिंस श्रीवास्तव के अलावा तीन अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इसके बाद दोनों को नौ जुलाई को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया। पुलिस ने व्यापारी को बयान के लिए बुलाया तो प्रचंड, विशाल और मुकेश कुमार का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस ने जांच करने के साथ तीनों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाए और कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी करा कर उनकी तलाश तेज कर दी। उधर, तीनों रसूखदारों की मदद से बचने के लिए पुरजोर कोशिश में लगे रहे, लेकिन बात नहीं बनने पर तीनों मोबाइल फोन बंद कर अंडरग्राउंड हो गए हैं।
यह है पूरा मामला
बेनीगंज के लाला टोला निवासी व्यापारी नवीन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि तीन अप्रैल को चेकिंग के बहाने 50 लाख रुपये से भरा बैग दरोगा आलोक सिंह ने रख लिया। दरोगा के इस कार्य में प्रिंस, प्रचंड, मुकेश और विशाल का भी हाथ है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद दरोगा और प्रिंस को गिरफ्तार कर उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिया था।
शेष छह लाख रुपये के बारे में चर्चा है कि वह रुपये फरार तीनों आरोपियों के पास है। हालांकि तीनों के पकड़े जाने पर शेष रुपये के बारे में पता चलेगा साथ ही उनके पीछे रसूखदार का भी नाम प्रकाश में आ सकता है। व्यापारी ने यह भी बताया था कि घटना के समय उसका भाई गगन और भांजा भी साथ में था। पुलिस व्यापारी के भाई को भी पूछताछ के लिए बुलाई, लेकिन अब तक वह नहीं आया।